पंजाब : कांग्रेस नेताओं ने मुख्य सचिव के खिलाफ राजस्व हानि मामले में जांच की मांग की
सिंह से हालांकि वित्तीय आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार वापस ले लिया गया है लेकिन अब नेता उन्हें मुख्य सचिव के पद से हटाने की मांग कर रहे हैं ताकि वह जांच को प्रभावित ना कर पाएं।
चंडीगढ़, 13 मई पंजाब में कांग्रेस के नेताओं ने राजस्व में कथित नुकसान के मामले में मुख्य सचिव करण अवतार सिंह के खिलाफ जांच की मांग की।
सिंह से हालांकि वित्तीय आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार वापस ले लिया गया है लेकिन अब नेता उन्हें मुख्य सचिव के पद से हटाने की मांग कर रहे हैं ताकि वह जांच को प्रभावित ना कर पाएं।
पंजाब के एक मंत्री, सत्तारूढ़ पार्टी के आठ विधायकों और एक सांसद ने मुख्यमंत्री से सिंह के खिलाफ जांच का आदेश देने की मांग करते हुए आबकारी राजस्व के कथित नुकसान के लिए राज्य के सबसे वरिष्ठ नौकरशाह को जिम्मेदार ठहराया है।
गिद्दरबाहा के विधायक अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने मुख्यमंत्री से मुख्य सचिव को उनके पद से हटाने की मांग की
करण अवतार सिंह को मंगलवार रात वित्तीय आयुक्त के पद से हटा दिया गया था। दो मंत्रियों के उनके बैठक में शामिल होने पर बैठक का हिस्सा ना बनने की घोषणा के बाद यह निर्णय लिया गया था।
वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल और तकनीकी शिक्षा मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी पिछले हफ्ते एक बैठक में नौकरशाह के कथित ‘‘अस्वीकार्य व्यवहार ’’ पर आपत्ति जतायी थी ।
वारिंग ने बुधवार को ट्वीट में मुख्यमंत्री से ‘‘600 करोड़ रुपये से अधिक ’’ के राजस्व के नुकसान के संबंध में मुख्य सचिव के खिलाफ जांच की मांग की।
उन्होंने कहा, ‘‘ मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि कृपया उन्हें मुख्य सचिव के पद से हटा दें ताकि वह जांच को प्रभावित ना कर पाएं।’’
कारागार मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने जांच की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करेगा कि पिछले तीन वर्षों में आबकारी विभाग में ‘‘राजस्व हानि’’ के लिए कोई जिम्मेदार रहा है ।
उर्मर से विधायक संगत सिंह गिलजियां ने कहा कि वह विभाग में कथित हानि के संबंध में जांच के लिए वारिंग और रंधावा की मांग से सहमत हैं।
वारिंग और गिलजियां मुख्यमंत्री के सलाहकार भी हैं।
इनके अलावा विधायक राज कुमार वेरका (अमृतसर पश्चिम), कुलबीर सिंह जीरा (जीरा), बरिन्दर सिंह पहरा (गुरदासपुर), फतेहजंग बाजवा (क़ादियां), बलविंदर सिंह लाड्डी (हरगोबिंदपुर साहिब) और जोगिंदर पाल (भोआ) ने वारिंग की मांग का समर्थन किया है।
वहीं कांग्रेस सांसद प्रताप सिंह बाजवा ने भी केन्द्रीय एजेंसी द्वारा मामले की जांच कराने की मांग की है।
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