देश की खबरें | पंजाब : मादक पदार्थ मामले में सात घंटे से ज्यादा चली बिक्रम मजीठिया से पूछताछ
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चंडीगढ़, 18 दिसंबर पंजाब पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मादक पदार्थों से जुड़े एक मामले में सोमवार को शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से सात घंटे से ज्यादा पूछताछ की। मजीठिया ने मामले को 'झूठा' करार दिया और इस पूरी कार्रवाई को 'राजनीतिक प्रतिशोध' का परिणाम बताया।
मजीठिया सुबह करीब पौने बारह बजे अपने वकीलों के साथ एसआईटी कार्यालय पहुंचे और शाम सात बजे वहां से निकले। एसआईटी का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (पटियाला रेंज) मुखविंदर सिंह छीना ने किया।
इस दौरान कार्यालय के आसपास सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई थी। मजीठिया पर 2021 में स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पूछताछ के बाद पटियाला में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए मजीठिया ने मान पर निशाना साधा और उन्हें 'तानाशाह' करार दिया। मजीठिया ने कहा कि वह लोगों की आवाज उठाने के लिए जेल जाने से नहीं डरते।
मजीठिया ने कहा, ''सच कभी नहीं बदलता। यह सब राजनीतिक प्रतिशोध है। जो भी इस सरकार या तानाशाह मान के खिलाफ आवाज उठाता है, उसके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया जाता है।''
मजीठिया ने कहा, '' यह आपकी (मान) गलतफहमी है कि आप इस तरह से मजीठिया को कमजोर कर सकते हैं। मैं आपके खिलाफ पूरी ताकत से लड़ूंगा। मैं जेल जाने से नहीं डरता। अगर आप सोचते हैं कि जेल जाने के डर से मैं लोगों की आवाज उठाना बंद कर दूंगा तो ऐसा नहीं होने वाला।''
अकाली नेता ने कहा कि इस मामले में कोई दम नहीं है और यह सिर्फ 'राजनीतिकरण' है। उन्होंने कहा, ''सिर्फ और सिर्फ राजनीति खेली जा रही है।''
इससे पहले दिन में एसआईटी कार्यालय पहुंचने से पहले मजीठिया ने कहा कि वह कानून का पालन करने वाले नागरिक हैं और उन्हें कानून पर पूरा भरोसा है।
शिअद नेता ने आम आदमी पार्टी (आप) नीत राज्य सरकार पर मादक पदार्थ के मुद्दे को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया और दावा किया कि एसआईटी ने उन्हें इसलिए बुलाया है, क्योंकि वह मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ बोल रहे थे।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मान उनके खिलाफ राज्य मशीनरी का इस्तेमाल कर रहे हैं।
मजीठिया ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, "यह केवल राजनीति है और राजनीति करना भगवंत मान की आदत बन गई है। वे दो साल से सो रहे हैं। मेरा अनुरोध है, अगर आपके पास कोई सबूत है तो उसे अदालत में पेश करें।"
उन्होंने पटियाला में संवाददाताओं से कहा, "मेरी लड़ाई राज्य मशीनरी और राज्य सरकार के खिलाफ है जो अपने खिलाफ एक शब्द भी बोलने वाले के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करती है।"
मजीठिया पर चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान 20 दिसंबर, 2021 को एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।
यह कार्रवाई मादक पदार्थ रोधी कार्यबल की 2018 की रिपोर्ट के आधार पर की गई। इस मामले को लेकर राज्य अपराध शाखा ने मोहाली थाने में प्राथमिकी दर्ज की थी।
पिछले साल अगस्त में मादक पदार्थ मामले में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा जमानत दिए जाने के बाद मजीठिया पटियाला जेल से बाहर आए थे। उन्हें पांच महीने से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद जमानत पर रिहा कर दिया गया था।
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