कराची, 17 जुलाई सीमा हैदर के भारत जाने से जुड़े घटनाक्रम को लेकर सिंध प्रांत में हिंदुओं को निशाना बनाये जाने पर एक प्रमुख पाकिस्तानी मानवाधिकार कार्यकर्ता ने आवाज उठाई है और सरकार से हिंदू मंदिरों पर हमला करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
देश में अल्पसंख्यकों के मुद्दे उठाने वाले पाकिस्तान देरावर इत्तेहाद संगठन के प्रमुख शिव काछी ने कहा कि काशमोर के घौसपुर में रविवार को एक मंदिर पर हमला सिंध में पाकिस्तानी हिंदुओं की अग्निपरीक्षा की शुरुआत लगता है।
कुछ डकैतों ने रविवार को सिंध प्रांत के काशमोर इलाके में एक हिंदू मंदिर पर रॉकेट लांचर से हमला कर दिया था। इससे कुछ दिन पहले काशमोर और घोटकी इलाकों में डकैतों ने सीमा के भारतीय व्यक्ति से ‘प्रेम’ में भारत जाने से जुड़े घटनाक्रम के बदले में हिंदू पूजास्थलों और समुदाय के सदस्यों पर हमले की धमकी दी थी।
चार बच्चों की मां सीमा (30) एक हिंदू युवक के साथ रहने के लिए पिछले दिनों भारत पहुंच गयी थी। दोनों की दोस्ती 2019 में ऑनलाइन गेम पबजी पर खेलते हुए हुई थी।
उत्तर प्रदेश पुलिस के मुताबिक वह 22 साल के सचिन मीणा के साथ दिल्ली के पास ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा इलाके में रह रही है जहां सचिन किराने की दुकान चलाता है।
काछी ने कहा, ‘‘नदी घाटी वाले इलाकों में छिपकर रहने वाले डकैत रोजाना लाइव वीडियो जारी करके सीमा मामले का बदला लेने के लिए हिंदुओं को मारने, अगवा करने, उनके परिवार की महिलाओं का उत्पीड़न करने तथा उनके पूजास्थलों एव घरों पर हमले करने की धमकी दे रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सीमा ने जो किया गलत है, लेकिन इसका हिंदुओं से क्या लेनादेना है? वह मुस्लिम महिला है जिसने व्यक्तिगत फैसला किया। सिंध में हिंदुओं को निशाना क्यों बनाया जाना चाहिए?’’
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