जरुरी जानकारी | पुडुचेरी विधानसभा ने बिजली वितरण निजीकरण के केंद्र के प्रस्ताव के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया

पुडुचेरी, 22 जुलाई पुडुचेरी विधानसभा ने बुधवार को आम सहमति से संकल्प पारित कर केंद्र शासित प्रदेश में बिजली वितरण कंपनी के निजीकरण के केंद्र के प्रस्ताव का विरोध किया।

बिजली मंत्री आर कमलाकन्न ने केंद्र सरकार के इस संदर्भ में की गयी घोषणा का विरोध किया। सत्ता और विपक्ष समेत विभिन्न दलों के सदस्यों ने केंद्र के इस कदम को लेकर अपनी आपत्ति जतायी।

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सदन की कार्यवाही संचालित कर रहे विधानसभा के उपाध्यक्ष एमएनआर बालन ने आम सहति से संकल्प पारित होने की घोषणा की।

इससे पहले, बिजली मंत्री ने कहा कि बिजली वितरण के निजीकरण का कदम गलत दिशा में है और इससे ग्राहकों के हितों को नुकसान पहुंचेगा क्योंकि निजी कंपनियां लाभ कमाने के लिये बार-बार बिजली की दरें बढ़ाएंगी।

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मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने कहा कि उन्होंने इस बारे में पहले ही केंद्रीय वित्त मंत्री और बिजली मंत्री को पत्र लिखकर पुडुचेरी की आपत्ति से अवगत करा दिया है।

उन्होंने कहा कि केंद्र को पहले सभी केंद्र शासित प्रदेशों सरकारों से परामर्श करना चाहिए था।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘पुडुचेरी केंद्रशासित प्रदेश हैं जहां विधानसभा भी है। इसीलिए केंद्र मनमाने तरीके से कोई निर्णय नहीं कर सकता।’’

नारायणसामी ने कहा कि हम किसानों को मुफ्त बिजली दे रहे हैं। साथ ही गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगों पर 100 यूनिट की खपत तक कोई शुल्क नहीं लगाया जा रहा।

उन्होंने कहा, ‘‘हम उद्योग को भी बिजली के मामले में राहत की पेशकश कर निवेश आकर्षित कर रहे हैं।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर बिजली वितरण क्षेत्र का निजीकरण होता है, ये सुविधाएं खत्म हो जााएंगी और बिजली की दरें आसमान छुएगी।

सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों के सदस्यों ने केंद्र के कदम का विरोध किया।

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