देश की खबरें | लोक अभियोजक ने डीआईजी पर घूंसा मारने का लगाया आरोप, सीबीआई ने जांच शुरू की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अपने लोक अभियोजक के इस आरोप को लेकर एक तथ्यान्वेषी जांच शुरू की है कि एक डीआईजी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निजी सचिव राजेंद्र कुमार से संबंधित एक रिपोर्ट सौंपने में देरी को लेकर उनके चेहरे पर घूंसा मारा। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अपने लोक अभियोजक के इस आरोप को लेकर एक तथ्यान्वेषी जांच शुरू की है कि एक डीआईजी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निजी सचिव राजेंद्र कुमार से संबंधित एक रिपोर्ट सौंपने में देरी को लेकर उनके चेहरे पर घूंसा मारा। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।

यह मुद्दा अदालत में सुनवायी के दौरान सामने आया। सुनवायी के दौरान लोक अभियोजक सुनील वर्मा ने बताया कि उन्होंने उन्हें (वर्मा को) चेहरे पर घूंसा मारने को लेकर उप महानिरीक्षक (डीआईजी) राघवेंद्र वत्स के खिलाफ पुलिस में एक शिकायत दी है।

यह भी पढ़े | Bihar Assembly Election 2020: बिहार चुनाव के मद्देनजर नंदकिशोर ने पटना साहिब से तो लालू के पुत्र तेज प्रताप ने हसनपुर से भरा नामांकन.

अदालत ने डीआईजी को 19 अक्टूबर को तलब किया है।

सीबीबाई प्रवक्ता आर के गौड़ ने बताया, ‘‘एक तथ्यान्वेषी जांच गठित की गई है।’’

यह भी पढ़े | Uddhav Thackeray Vs Governor BS Koshyari: मंदिर खोलने को लेकर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने हिंदुत्व को लेकर महाराष्ट्र के सीएम पर कसा तंज तो उद्धव ठाकरे ने दिया ये जवाब.

सूत्रों ने बताया कि डीआईजी वत्स ने आठ अक्टूबर को वर्मा के खिलाफ अपने वरिष्ठों को एक आधिकारिक शिकायत दी थी जिसमें उन्होंने उनपर दुर्व्यवहार, कार्य के प्रति उदासीन रवैया अपनाने, कार्यालय से अनुपस्थिति आदि के आरोप लगाये थे।

सूत्रों ने बताया कि अगले दिन वर्मा डीआईजी के कार्यालय आये, जहां उन्होंने वत्स के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया और उन्हें वहां मौजूद अन्य अधिकारी वहां से ले गए।

सूत्रों ने दावा किया कि वर्मा ने अपनी शिकायत में घटना के बारे में पूरी तरह से अलग जानकारी दी है, जो कि लोधी कालोनी पुलिस थाने में दी गई है।

लोक अभियोजक ने अपनी शिकायत में कहा है कि वह भ्रष्टाचार निरोधक शाखा के डीआईजी कार्यालय में नौ अक्टूबर को पूर्वाह्न साढ़े 10 बजे के आसपास गए थे, जहां अधिकारी ने उनके चेहरे पर घूंसा मारा और उनसे बैठकर बात करने के लिए कहा।

वर्मा के अनुसार डीआईजी ने उन्हें चेहरे पर घूंसा केजरीवाल के निजी सचिव कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार के एक मामले में आरोप तय होने में विलंब को लेकर मारा था।

एजेंसी ने कुमार के खिलाफ करीब चार वर्ष पहले एक आरोप पत्र दाखिल किया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\