नयी दिल्ली, 14 दिसम्बर दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को केन्द्र से उस जनहित याचिका पर जवाब मांगा, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम के तहत मानसिक स्वास्थ्य केन्द्रों की विभिन्न श्रेणियों में न्यूनतम मानकों को बनाए रखने के लिए नियमों के निर्धारण का अनुरोध किया गया है।
मुख्य न्यायाधीश डी. एन. पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान ने केन्द्र से नियमों के प्रकाशन के संबंध में पांच फरवरी 2021 तक स्थिति स्पष्ट करने को कहा।
केन्द्र सरकार के वकील ने अदालत को बताया कि नियम प्रकाशन के लिए भेजे गए हैं।
पीठ ने कहा, ‘‘ निर्णय लें। हमें बताएं कि इसमें कितना समय लगेगा।’’
वकील एवं मानसिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता गौरव कुमार बंसल द्वारा दाखिल याचिका में कहा गया है कि उनके द्वारा पहले दायर इसी तरह की याचिका का उच्च न्यायालय ने निस्तारण करते हुए इसे ज्ञापन के तौर पर स्वीकार करने तथा यथासंभव जल्द निर्णय लेने का केंद्र को निर्देश दिया था।
उन्होंने याचिका में कहा कि अभी तक केन्द्र सरकार ने न्यूनतम मानक अधिसूचित नहीं किये हैं।
इसमें यह भी कहा गया है कि 2017 के मानसिक स्वास्थ्य देखभाल कानून के तहत न्यूनतम मानकों की अधिसूचना कानून लागू होने के 18 महीने के अंदर जारी की जानी है।
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