जरुरी जानकारी | राष्ट्रीय मौद्रीकरण योजना के खिलाफ ट्रेड यूनियनों का विरोध प्रदर्शन

नयी दिल्ली, सात अक्टूबर केंद्रीय श्रमिक संगठनों के एक संयुक्त मंच ने राष्ट्रीय मैद्रीकरण पाइपलाइन परियोजना के खिलाफ बृहस्पतिवार को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया।

राष्ट्रीय मौद्रीकरण पाइपलाइन परियोजना में विभिन्न सरकारी संपत्तियों को पट्टे पर देने की परिकल्पना की गई है। इस तरह से अर्जित धन को नयी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश किया जाएगा।

ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच के एक बयान में कहा गया है कि स्वतंत्र परिसंघों/संघों के संयुक्त मंच ने 23 अगस्त 2021 को केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा घोषित तथाकथित 'राष्ट्रीय मौद्रीकरण पाइपलाइन' (एनएमपी) परियोजना के खिलाफ सात अक्टूबर 2021 को राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया।

इस परियोजना में अगले चार वर्षों में छह लाख करोड़ रुपये जुटाने का दावा किया गया है।

बयान में कहा गया, ‘‘हमारा आरोप यह है कि यह और कुछ नहीं बल्कि सभी ढांचागत संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने का एक नापाक इरादा है।’’

सरकार के इस ताजा कदम का तत्काल प्रभाव आम आदमी पर पड़ेगा। इससे बुनियादी ढांचा सेवाओं के मूल्य में वृद्धि होगी।

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