देश की खबरें | ओडिशा में कांग्रेस विधायकों का महिला सुरक्षा को लेकर विरोध जारी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. ओडिशा में कांग्रेस विधायकों ने बृहस्पतिवार को कहा कि वे राज्य विधानसभा में तब तक अपना विरोध जारी रखेंगे जब तक अध्यक्ष राज्य में महिलाओं के खिलाफ कथित अत्याचारों की जांच के लिए सदन की एक समिति का गठन नहीं कर देते।
भुवनेश्वर, 20 मार्च ओडिशा में कांग्रेस विधायकों ने बृहस्पतिवार को कहा कि वे राज्य विधानसभा में तब तक अपना विरोध जारी रखेंगे जब तक अध्यक्ष राज्य में महिलाओं के खिलाफ कथित अत्याचारों की जांच के लिए सदन की एक समिति का गठन नहीं कर देते।
कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता रामचंद्र कदम ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी द्वारा विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले चार वर्ष (2020 से 2024) में ओडिशा में 44,824 महिलाएं और बच्चे लापता हुए हैं।
संवाददाता सम्मेलन में कदम सहित 11 कांग्रेस विधायक शामिल हुए।
कदम ने कहा, "बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। साथ ही, यह भी खबर है कि स्कूल जाने वाली नाबालिग लड़कियां गर्भवती हो गई हैं...।"
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के पिछले नौ महीने के शासन के दौरान ओडिशा में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के 1,800 से अधिक मामले दर्ज किए गए।
उन्होंने कहा, "इससे पता चलता है कि राज्य में महिलाएं और लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं। इसलिए, हम पिछले कई दिनों से उनके अधिकारों और सुरक्षा के लिए लड़ रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "हम ऐसे मामलों की जांच के लिए सदन की समिति के गठन की मांग को लेकर अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे।"
सात मार्च को बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत से ही कांग्रेस राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रही है।
पार्टी ने 27 मार्च को राज्य विधानसभा का घेराव करने की भी घोषणा की है।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कोई कार्रवाई करने के बजाय विधानसभा अध्यक्ष ने वरिष्ठ कांग्रेस विधायक ताराप्रसाद बहिनीपति को सात दिनों के लिए विधानसभा से निलंबित कर दिया।
बैठक में मौजूद कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक बहिनीपति ने उनके खिलाफ अध्यक्ष की कार्रवाई की निंदा की और कहा कि विधानसभा किसी की निजी संपत्ति नहीं है, यह ओडिशा के लोगों की है।
उन्होंने आरोप लगाया, "सत्तारूढ़ पार्टी ने विपक्ष की आवाज दबाकर और इस तरह की कार्रवाई से उसका अधिकार छीनने की कोशिश की है।"
विधानसभा समिति के गठन की उनकी मांग के बारे में पूछे जाने पर बहिनीपति ने कहा, "हम एक समिति के गठन की मांग करते हैं क्योंकि सभी दलों के सदस्यों वाला कोई दल उन स्थानों का दौरा करेगा जहां से महिलाओं/लड़कियों के खिलाफ अत्याचार की खबरें आती हैं और यह दल घटनाओं की जांच करेगा।"
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)