देश की खबरें | हादसे में मारे गए यूपीएससी उम्मीदवारों के नाम पर चार पुस्तकालय स्थापित करने का प्रस्ताव

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली की महापौर शैली ओबेरॉय ने प्रस्ताव दिया है कि पिछले महीने एक हादसे में मारे गए सिविल सेवा अभ्यर्थियों के नाम पर यहां चार पुस्तकालय स्थापित किए जाएं। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

नयी दिल्ली, दो अगस्त दिल्ली की महापौर शैली ओबेरॉय ने प्रस्ताव दिया है कि पिछले महीने एक हादसे में मारे गए सिविल सेवा अभ्यर्थियों के नाम पर यहां चार पुस्तकालय स्थापित किए जाएं। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

दिल्ली के राजेंद्र नगर इलाके में 27 जुलाई को एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से सिविल सेवा की तैयारी कर रहे तीन विद्यार्थी डूब गए थे जबकि एक सप्ताह पहले मुखर्जी नगर में एक अन्य छात्र की करंट लगने से मौत हो गई थी।

हालांकि, इस बात पर कोई स्पष्टता नहीं है कि इन पुस्तकालयों का नाम क्या होगा। ओबेरॉय द्वारा दिल्ली नगर निगम आयुक्त को लिखे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि इनका निर्माण ‘‘दिल्ली में चार स्थानों -राजेंद्र नगर, मुखर्जी नगर, पटेल नगर और बेर सराय- में मृतक छात्रों के नाम पर एमसीडी द्वारा किया जा सकता है।’’

ये क्षेत्र सिविल सेवा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग हब हैं और बड़ी संख्या में छात्र इन इलाकों में छात्रावासों और पीजी आवासों में रहते हैं।

बृहस्पतिवार को एमसीडी कमिश्नर अश्विनी कुमार को लिखे पत्र में महापौर ने कहा कि राजेंद्र नगर में कुछ दिन पहले हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद, दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे बहुत से छात्रों ने सार्वजनिक और सरकारी पुस्तकालयों की कमी का मुद्दा उठाया है।

शैली ने यह कहते हुए एमसीडी पुस्तकालयों की स्थापना का प्रस्ताव रखा कि छात्रों ने पुस्तकालयों की मांग उठाई है क्योंकि बहुत से छात्र निजी पुस्तकालयों द्वारा लिए जाने वाले भारी सदस्यता शुल्क का भुगतान नहीं कर सकते।

उन्होंने पत्र में कहा, ‘‘उपर्युक्त के मद्देनजर, मैं प्रस्ताव करना चाहूंगी कि दिल्ली में चार स्थानों पर मृतक छात्रों के नाम पर एमसीडी द्वारा कम से कम चार पुस्तकालय स्थापित/निर्मित किए जाएं... 1. राजेंद्र नगर 2. मुखर्जी नगर 3. पटेल नगर 4. बेर सराय।’’

महापौर ने कहा, ‘‘ इस कार्य के लिए बजट प्रावधान महापौर के विवेकाधीन लेखा मद से किया जा सकता है और आपसे अनुरोध है कि संबंधित विभाग को व्यवहार्यता की जांच करने और इस संबंध में क्षेत्रों में भूमि की पहचान करने और जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दें।’’

अधिकारी ने कहा कि जो नुकसान हुआ है, उसे कोई भी पूरा नहीं कर सकता लेकिन ‘‘हम छात्रों के लिए सार्वजनिक अध्ययन स्थलों को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं।’’

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