देश की खबरें | झारखंड में वामपंथी चरमपंथ से जुड़े मामलों में 20 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति जब्त
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. वामपंथी चरमपंथियों के धन के स्रोत पर कड़ी कार्रवाई करते हुए एनआईए ने 152 बैंक खातों और विशेष सावधि जमा रसीदें, एक फर्म तथा उसके विभिन्न साझेदारों की 20 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि के मुचुअल फंड खाते जब्त किये हैं।
नयी दिल्ली, तीन मार्च वामपंथी चरमपंथियों के धन के स्रोत पर कड़ी कार्रवाई करते हुए एनआईए ने 152 बैंक खातों और विशेष सावधि जमा रसीदें, एक फर्म तथा उसके विभिन्न साझेदारों की 20 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि के मुचुअल फंड खाते जब्त किये हैं।
एनआईए के एक अधिकारी ने बताया कि संघीय एजेंसी ने पहली बार वामपंथी चरमपंथ से जुड़े मामलों में इतनी बड़ी राशि जब्त की है।
एनआईए के प्रवक्ता ने बताया कि 124 विशेष सावधि जमा रसीद सहित 152 बैंक खाते, मैसर्स संतोष कंस्ट्रक्शंस और उसके साझेदारों का एसबीआई मुचुअल फंड खाता, जिसमें 20.65 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि हैं, को गैरकानूनी गतिविधियां (निषेध) कानून के तहत जब्त किया गया है।
अधिकारी ने बताया कि इन खातों को पहले सीआरपीसी के प्रावधानों के तहत फ्रीज कर दिया गया था, लेकिन जांच के दौरान उनका संबंध आतंकवाद होने की बात सामने आयी और इस कारण यूएपीए के तहत उन्हें जब्त किया गया है।
प्रवक्ता ने बताया, ‘‘जांच में सामने आया है कि मैसर्स संतोष कंस्ट्रक्शंस के साझेदारों में से एक मृत्युंजय कुमार सिंह उर्फ सोनू सिंह का भाकपा (माओवादी) के शीर्ष नेतृत्व से करीबी संबंध था। उसने भाकपा (माओवादी) के क्षेत्रीय समिति के सदस्य रवीन्द्र गंझू को माओवादी गतिविधियां चलाने के लिए नकद मुहैया कराया।’’
एनआईए ने बताया कि झारखंड के लातेहार जिले में तुकैया मोड़ पर गंझू के नेतृत्व में भाकपा (माओवादी) ने 22 नवंबर, 2019 को चांदवा थाने के पीसीआर वाहन पर हमला कर चार पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी और हथियार लूट लिए थे, और इसी मामले की जांच के दौरान उक्त तथ्य सामने आए।
प्रवक्ता ने बताया, ‘‘घटना से एक दिन पहले बीरजंघा जंगल में सिंह ने गंझू से मिलकर उसे दो लाख रुपये दिए थे, जिसका उपयोग हमले में किया गया। एनआईए ने मामले की जांच जून, 2020 में संभाली।’’
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