देश की खबरें | असम के कछार, करीमगंज जिलों में निषेधाज्ञा लागू
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गुवाहाटी, 12 जून असम के कछार और करीमगंज जिलों में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है तथा दोनों जिलों में सभी तरह के जुलूस, रैली पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
कछार जिला प्रशासन ने रविवार को सीआरपीसी की धारा 144 के तहत विभिन्न प्रतिबंधों को लागू किया, जबकि पड़ोसी करीमगंज ने शुक्रवार को इसी तरह का आदेश जारी किया।
आदेश जारी करते हुए कछार के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) दीपक जिदुंग ने कहा कि ‘‘पिछले कुछ दिनों से जिले के विभिन्न हिस्सों में बड़ी रैलियों और विरोध प्रदर्शनों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें भारी भीड़ जमा हुई है।’’ उन्होंने कहा कि कुछ व्यक्ति असामाजिक गतिविधियों में लिप्त हो सकते हैं और इससे जनता को परेशानी हो सकती है।
एडीएम ने कहा, ‘‘ऐसी आशंका है कि इससे अमन-चैन को खतरा हो सकता है।’’ निषेधाज्ञा के तहत जिले में पांच या अधिक व्यक्तियों के एक जगह पर एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और आग्नेयास्त्र ले जाने की अनुमति नहीं है। सभी तरह के जुलूस और रैली पर रोक लगा दी गई है तथा बिना अनुमति के माइक्रोफोन या लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की अनुमति नहीं है।
करीमगंज के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट रिंटू चंद्र बोरो ने जुलूस, रैली, धरना के आयोजन, पर्चे, बैनर और पोस्टर के वितरण पर प्रतिबंध लगा दिया, जो सार्वजनिक शांति को भंग कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा, ‘‘एक नेता के विवादित बयान के बाद देश भर में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किए गए हैं, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हुई है।’’
आदेश में कहा गया, ‘‘जिले में उपरोक्त उद्देश्य के लिए लोगों के एकत्रित होने के कारण सार्वजनिक शांति भंग होने, मानव जीवन तथा संपत्ति के नुकसान की आशंका है।’’
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने शनिवार को कहा कि सरकार पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी को लेकर कई राज्यों में हिंसा के बाद राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की निलंबित प्रवक्ता नुपुर शर्मा और निष्कासित नेता नवीन जिंदल द्वारा पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित तौर पर विवादित टिप्पणी करने को लेकर देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन हुए हैं।
इस बीच, असम राज्य जमीयत उलेमा (एएसजेयू) ने शर्मा और जिंदल द्वारा पैगंबर मोहम्मद के बारे में की गई विवादित टिप्पणी की रविवार को निंदा की। एएसजेयू के अध्यक्ष मौलाना मुश्ताक अनफर ने भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार से शर्मा और जिंदल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
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