नयी दिल्ली, 15 दिसंबर वित्त राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने मंगलवार को कहा कि सरकार की ओर से किए गए वित्तीय और डिजिटल सुधारों के साथ उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना का दायरा बढ़ाए जाने से भारत को वैश्विक विनिर्माण का बड़ा केंद्र बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले महीने 10 प्रमुख क्षेत्रों के लिए पीएलआई योजना को मंजूरी दी है। इनमें दूरसंचार, वाहन और फार्मास्युटिकल्स जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इस योजना पर करीब दो लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे बड़ी मात्रा में पूंजी प्रवाह भी आकर्षित करने में मदद मिलेगी।
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के एक वर्चुअल सम्मेलन को संबोधित करते हुए ठाकुर ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि पीएलआई योजना विनिर्माण क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाएगी। पीएलआई के तहत जिन क्षेत्रों को भी चुना गया है, सभी में पासा पलटने की क्षमता है। इसका भारतीय अर्थव्यस्था को भी फायदा होगा।’’
ठाकुर ने कहा कि विनिर्माण को प्रोत्साहन और अनुकूल माहौल के सृजन से न केवल वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के साथ एकीकरण हो सकेगा, बल्कि एमएसएमई क्षेत्र के साथ भी इसका जुड़ाव हो सकेगा।
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वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भारत की तेज प्रगति का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि भारत अब सबसे तेजी से बढ़ता फिनटेक बाजार है। फिनटेक उत्पादों की वजह से किसानों को कृषि ऋण काफी कम लागत पर उपलब्ध है।
ठाकुर ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार लक्ष्य तय करने और उसे रिकॉर्ड समय में हासिल करने के लिए जानी जाती है।
अजय
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