मध्यप्रदेश में गेहूँ का समर्थन मूल्य पर 87.43 लाख मीट्रिक टन का रिकार्ड उपार्जन
मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने रविवार को बताया, ''कोरोना वायरस संकट के होते हुए भी मात्र एक माह की अवधि में 12,61,764 किसानों से करीब 87.43 लाख टन गेहूँ समर्थन मूल्य पर उपार्जित कर लिया गया है। यह प्रदेश के लिये नया कीर्तिमान है।''
भोपाल, 17 मई मध्यप्रदेश में सरकारी एजेंसियों ने इस बार अब तक 87.43 लाख टन गेहूँ का समर्थन मूल्य पर क्रया किया है।
मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने रविवार को बताया, ''कोरोना वायरस संकट के होते हुए भी मात्र एक माह की अवधि में 12,61,764 किसानों से करीब 87.43 लाख टन गेहूँ समर्थन मूल्य पर उपार्जित कर लिया गया है। यह प्रदेश के लिये नया कीर्तिमान है।''
उन्होंने कहा कि स्थान पर पंजाब में इस वर्ष करीब 1.21 करोड़ टन गेहूँ की समर्थन मूल्य पर खरीदी की गई है। वहीं उत्तर प्रदेश तीसरे स्थान पर है, जहाँ 14.79 लाख टन गेहूँ खरीदा गया है।
वर्ष 2012 में मध्यप्रदेश में 10,26,988 किसानों से सर्वाधिक 84.89 लाख टन गेहूँ की सरकारी खरीद हुई थी। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को यहां मंत्रालय में प्रदेश में गेहूँ खरीद कार्य की समीक्षा की।
उन्होंने निर्देश दिये कि गेहूँ की बम्पर आवक को देखते हुए प्रदेश में गेहूँ के लिये निर्धारित लक्ष्य 100 लाख टन से अधिक लगभग 100 लाख 10 हजार टन के उपार्जन की व्यवस्था की जाये।
उपार्जित गेहूँ में से 72.83 लाख मीट्रिक टन की मात्रा का परिवहन एवं भण्डारण कराया जा चुका है। उपार्जन के अंतर्गत 10 लाख किसानों को लगभग 10,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
रावत
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