राज्य से बाहर फंसे 15,000 लोगों को लाने के लिए प्रक्रिया शुरू : मेघालय के मुख्यमंत्री
संगमा ने कहा कि राज्य ने सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर ली है और लौटने वाले सभी लोगों के लिए पृथक-वास अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों में फंसे लोगों को सबसे पहले लाया जाएगा।
संगमा ने कहा कि राज्य ने सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर ली है और लौटने वाले सभी लोगों के लिए पृथक-वास अनिवार्य है।
मुख्यमंत्री ने फेसबुक लाइव करते हुए कहा कि पूर्वोत्तर में फंसे लोगों को पहले लाने का निर्णय लिया गया है। दूसरे चरण में सरकार यह देखेगी कि देश के अन्य हिस्सों में फंसे लोगों को कैसे लाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि मेघालय के करीब 15,000 लोग फंसे हुए हैं। इनमें से 3,000 असम समेत अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में हैं।
उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर में फंसे 2,000 लोग स्वास्थ्य अधिकारियों के पास पंजीकरण करा चुके है। वहीं जिन लोगों के पास मोबाइल फोन नहीं है और ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कर सकते हैं, वे राज्य की सीमाओं पर स्थापित किए गए चार प्रवेश बिंदुओं पर औपचारिकताएं पूरी कर सकते हैं।
मेघालय में संक्रमण के 12 नए मामले आए हैं और उनमें से एक की मौत हो गई और 10 स्वस्थ हो गए हैं। संगमा ने कहा कि कोविड-19 के मुख्यमंत्री राहत कोष से 25 एम्बुलेंस खरीदने के लिए 4.5 करोड़ रुपये खर्च किया गया है। इसके बाद 3.45 करोड़ रुपये की राशि बची हुई है, जिसका जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल किया जाएगा।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)
(The above story first appeared on LatestLY on May 05, 2020 07:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

