देश की खबरें | प्रियंका का असम में सीएए अमान्य करने को कानून लाने, गृहिणियों को हर महीने दो हजार रुपये देने का वादा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांगेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा ने मंगलवार को कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद यदि उनकी पार्टी असम में सत्ता में आती है, तो संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को ‘‘अमान्य करने के लिए’’ राज्य में एक नया कानून लाया जाएगा।

तेजपुर (असम), दो मार्च कांगेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा ने मंगलवार को कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद यदि उनकी पार्टी असम में सत्ता में आती है, तो संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को ‘‘अमान्य करने के लिए’’ राज्य में एक नया कानून लाया जाएगा।

प्रियंका ने तेजपुर में एक जनसभा के दौरान ‘पांच गारंटी’ अभियान की शुरूआत की और कहा, ‘‘यदि उनकी पार्टी को (जनता ने) इस पूर्वोत्तर राज्य में सरकार बनाने का मौका दिया, तो पूरे राज्य में ‘गृहिणी सम्मान’ के रूप में गृहिणियों को हर महीने 2,000 रुपये दिये जाएंगे और सभी परिवारों को 200 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी।’’

चुनावी राज्य असम का दो दिवसीय दौरा कर रहीं कांग्रेस महासचिव ने यह वादा भी किया कि उनकी पार्टी के (सत्ता में आने पर) चाय बागान मजदूरों की न्यूनतम दिहाड़ी मौजूदा 167 रुपये से बढ़ा कर 365 रुपये कर दी जाएगी और अगले पांच वर्षों में युवाओं को करीब पांच लाख सरकारी नौकरियां दी जाएंगी।

उन्होंने कहा, ‘‘असम के लोगों को भाजपा ने 25 लाख नौकरियां देने का पांच साल पहले वादा किया था, लेकिन उन्हें धोखा दिया और इसके बजाय यहां के लोगों पर सीएए थोप दिया। हमारी पार्टी (कांग्रेस) खोखले वादे नहीं कर रही है, बल्कि पांच गारंटी दे रही है। यह चुनाव विश्वास को लेकर है, यह राज्य की अस्मिता बचाने की लड़ाई है।’’

वह अपने गले से पारंपिक गमोसा (गमछा) लटकाए हुए थीं, जिस पर ‘सीएए’ लिखकर उसपर क्रॉस का निशान था।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ‘असम बचाओ’ अभियान के तहत पूरे राज्य का दौरा किया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि लोग सरकार से असल में चाहते क्या हैं।

प्रियंका ने कहा कि विशेषज्ञों की एक टीम द्वारा विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करने और विश्लेषण करने के बाद पार्टी ने ‘पांच गारंटी’ प्रदान करना तय किया और इस निष्कर्ष पर पहुंची कि इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए यह जरूरी है।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा ने लोकसभा चुनाव से पहले वादा किया था कि सीएए लागू नहीं किया जाएगा, लेकिन वह अपने रुख से पलट गई। ’’

उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर परोक्ष रूप से प्रहार करते हुए कहा, ‘‘मुझे क्रोनोलॉजी (घटनाक्रम) बताने दीजिए--पिछले चुनाव से पहले उन्होंने (भाजपा ने) ‘जाति - माटी - भेटी’ (अस्मिता, जमीन और आधार) का, तथा असम समझौते के उपबंध छह को लागू करने का वादा किया था। चुनाव जीतने के बाद उन्होंने इसके उलट कार्य किया और संसद में सीएए बना दिया। ’’

प्रियंका ने कहा कि भाजपा नेता जहां कहीं भी जाते हैं, सीएए के बारे में बात करते हैं, लेकिन असम में इस बारे में बोलने के लिए उनमें साहस नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह चुनाव कांग्रेस और भाजपा के बारे में नहीं है। बल्कि यह असम की अस्मिता बनाम भाजपा-आरएसएस विचारधारा की लड़ाई है।’’

प्रियंका ने कहा, ‘‘असम भाजपा के लिए एक एटीएम मशीन की तरह है क्योंकि वह अपने अमीर दोस्त को गुवाहाटी हवाईअड्डा बेचने में नहीं हिचकिचाई।’’

इससे पहले दिन में, विश्वनाथ में एक चाय बागान की महिला श्रमिकों से बातचीत करते हुए प्रियंका ने कहा कि किसान राष्ट्रीय राजधानी के अंदर और बाहर महीनों से प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन लोगों से अब तक नहीं मिले हैं और गतिरोध खत्म नहीं किया है।

प्रियंका ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री जहां रहते हैं वहां से महज चार-पांच किमी की दूर पर पिछले कुछ महीनों से तीन लाख से अधिक किसान धरना दे रहे हैं , लेकिन वह (प्रधानमंत्री) उनसे मिलने नहीं गए।’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘उनके एक बार जाकर मिल लेने, बात करने में आखिर क्या समस्या है और यदि किसानों को (नये कृषि) कानूनों को लेकर कुछ समस्या है, तो फिर उनके फायदे के लिए इसमें बदलाव कर देते...लेकिन इस सरकार की नीतियां अमीरों और ताकतवर लोगों के लिए हैं, ना कि आम आदमी के लिए।’’

असम के दो दिनों के दौरे पर आई प्रियंका चाय बागान में महिला श्रमिकों के साथ बैठीं और कई मुद्दों पर उनके साथ चर्चा की।

बातचीत के दौरान महिलाओं ने उनसे कथित तौर पर कहा कि उनके लिए बनी योजनाओं का फायदा सिर्फ कुछ लोगों को ही मिल रहा है, जबकि अन्य लोगों को पूछताछ के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। काम के समय में इसके लिए जाना मुश्किल होता है ।

महिलाओं ने महंगाई के चलते हो रही समस्याएं, आवास और बागानों में शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से पेश आने वाली परेशानियों का भी जिक्र किया।

कांग्रेस नेता ने महिला श्रमिकों से कहा, ‘‘पार्टियों का यह धर्म है कि वे चुनाव के दौरान आपके पास आकर किये गये वादों को पूरा करें। जो सरकार अपने वादों को पूरा नहीं करती है उसे सबक सिखाने के लिए आपके पास वोट की शक्ति है। हमने नयूनतम 365 रुपये दिहाड़ी मजदूरी का वादा किया है...। ’’

प्रियंका, एक पारंपरिक मेखला चादर ओढ़े हुए थीं। बागान में उन्हें चाय की पत्तियों को तोड़ कर रखने वाली एक टोकरी भी अपनी पीठ पर लिए देखा गया।

उन्होंने चाय बागान में काम करने वाली जनजातीय महिलाओं के साथ झूमर नृत्य में उनके साथ कदम से कदम मिलाने की कोशिश की और उन्हें लाल बॉर्डर वाली एक सफेद साड़ी तोहफे में दी गई, जो महिलाएं नृत्य के लिए पहनती हैं।

इसके बाद कांगेस नेता चाय बागान श्रमिक तिनामोनी तोसा और अमृत तोसा के घर भी गईं और उनके परिवार के सदस्यों से बातचीत की तथा वहां उनके बच्चों के साथ वक्त बिताया।

तेजपुर में उन्होंने महाभैरव मंदिर में पूजा अर्चना की।

राज्य की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए तीन चरणों में --27 मार्च, एक अप्रैल और छह अप्रैल को मतदान होने हैं।

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