देश की खबरें | मोदी सरकार के ‘अन्याय काल’ में निजी निवेश निचले स्तर पर पहुंचा: कांग्रेस
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नयी दिल्ली, आठ जुलाई कांग्रेस ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में नए निजी निवेश के कथित तौर पर 20 साल के निचले स्तर पर पहुंचने पर सोमवार को चिंता जताई और आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में ‘बिना सोचे समझे नीति परिवर्तन’ होने और भय के माहौल से देश को नुकसान हुआ है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि ‘‘मोदी-निर्मित अन्याय काल’’ में हर दिन आर्थिक विफलता का एक नया रिकॉर्ड बन रहा है।
रमेश ने एक बयान में कहा, ‘‘हम पहले ही 45 साल की उच्च बेरोजगारी दर, 50 साल की सबसे कम घरेलू बचत दर और वास्तविक ग्रामीण खपत में पहली बार कमी देख चुके हैं। अब, हमारे पास एक और परेशान करने वाला तथ्य है। ‘द हिंदू’ (अंग्रेजी अखबार) की रिपोर्ट है कि इस 2023/24 वित्तीय वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में कॉरपोरेट द्वारा घोषित ताजा निवेश केवल 44,000 करोड़ रुपये है, यह 20 साल का निचला स्तर है।’’
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में मनमोहन सिंह के कार्यकाल की तुलना ‘नॉन-बायोलॉजिक प्रधानमंत्री के कार्यकाल से करते हैं तो पता चता है कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के समय जीडीपी के प्रतिशत के रूप में निवेश (समय के साथ औसत) 33.4 प्रतिशत और ‘अन्याय काल’ में 28.7 प्रतिशत रहा।"
रमेश के मुताबिक, मनमोहन सिंह के नेतृत्व में जीडीपी के प्रतिशत के रूप में एफडीआई 2004 में 0.8 प्रतिशत से बढ़कर 2014 में 1.7 प्रतिशत हो गया तथा 2022 तक यह अब 1.5 प्रतिशत रहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में ‘बिना सोचे समझे नीति परिवर्तन’ होने और भय के माहौल से देश को नुकसान हुआ है।
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