देश की खबरें | आईसीएमआर से मंजूर प्रयोगशाला वाले निजी अस्पतालों को कोविड-19 की जांच की अनुमति देनी चाहिए : अदालत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि यह समय की मांग है कि कोविड-19 के परीक्षण के लिए आईसीएमआर से अनुमति प्राप्त लैब वाले सभी निजी अस्पताल को जांच करने की अनुमति मिलनी चाहिए।

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नयी दिल्ली, 11 जून दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि यह समय की मांग है कि कोविड-19 के परीक्षण के लिए आईसीएमआर से अनुमति प्राप्त लैब वाले सभी निजी अस्पताल को जांच करने की अनुमति मिलनी चाहिए।

न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने कहा कि दिल्ली देश में कोरोना वायरस का सबसे बड़ा केंद्र बनते जा रही है और यह समय की मांग है कि प्रयोगशाला वाले निजी अस्पतालों को बिना समय गंवाए संक्रमण की जांच करने की अनुमति देनी चाहिए ।

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उच्च न्यायालय ने कहा कि आपात सर्जरी तथा अन्य चिकित्सा के लिए निजी अस्पताल जा रहे गैर कोविड-19 मरीजों की जांच नहीं की जा रही, जिसके कारण उन्हें कहीं और जाने को विवश होना पड़ता है ।

पीठ ने कहा, ‘‘यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि अस्पताल के परिसर में सुविधा युक्त और मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला होने के बावजूद गैर कोविड-19 मरीजों को दूसरी प्रयोगशालाओं में संक्रमण की जांच कराने के लिए इंतजार करना पड़ता है।’’

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उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि जिन अस्पतालों को कोविड-19 के मरीजों की भर्ती के लिए 20 प्रतिशत बेड आरक्षित रखने को कहा गया है, उन्हें सर्जरी और अन्य इलाज के लिए भर्ती होने जा रहे लक्षण और बिना लक्षण वाले मरीजों की जांच करनी चाहिए। इसलिए कि इन अस्पतालों के पास संक्रमण की जांच करने के लिए प्रयोगशाला है और इसके लिए आईसीएमआर की अनुमति भी प्राप्त है ।

वकील संजीव शर्मा की याचिका पर यह आदेश आया है। उन्होंने दलील दी थी कि ऐसी कई घटनाएं हुई हैं ,जब गैर कोविड-19 मरीजों को सर्जरी और अन्य आपात उपचार के लिए भर्ती होने से पहले जांच कराने को कहा गया। लेकिन, संबंधित अस्पताल ने जांच नहीं की क्योंकि दिल्ली सरकार से उनको जांच करने की अनुमति नहीं मिली है ।

वकील राकेश मल्होत्रा के जरिए दाखिल याचिका में दिल्ली सरकार और कोविड-19 का इलाज करने की अनुमति प्राप्त सभी अस्पतालों तथा नर्सिंग होम को निर्देश देने का अनुरोध किया गया कि उन्हें उपलब्ध बेड के बारे में रोजाना अपनी वेबसाइट पर बताना चाहिए ताकि मरीजों को दर-दर भटकना ना पड़े।

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