देश की खबरें | प्रमुख सचिव की अनुपस्थिति: दिल्ली विधानसभा ने मामला विशेषाधिकार समिति के पास भेजा

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नयी दिल्ली, 18 दिसंबर दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने समन के बावजूद सोमवार को वित्त विभाग के प्रधान सचिव के सदन में उपस्थित नहीं होने का मामला विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया।

दोपहर के भोजन से पहले विधानसभा ने सदन के लिए निर्धारित सरकारी धन में कथित रूप से बाधा डालने के आरोप को लेकर वित्त विभाग के प्रधान सचिव ए. सी. वर्मा को दोपहर दो बजे सदन के समक्ष पेश होने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया था।

वर्मा के नहीं आने पर अध्यक्ष ने उन्हें शाम पांच बजे सदन में उपस्थित रहने का निर्देश दिया था अन्यथा उनकी अनुपस्थिति का मामला विशेषाधिकार समिति को भेजा जायेगा। हालांकि वर्मा फिर से उपस्थित नहीं हुए।

गोयल ने कहा, ‘‘यह सदन का बहुत बड़ा अपमान है। मैं इस मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेजता हूं।’’

आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक मोहिंदर गोयल ने कोष में कथित रुकावट को लेकर आंदोलन शुरू करने की धमकी दी।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं 20 दिनों के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू करूंगा। मैं उन्हें समय दे रहा हूं लेकिन मैं वादा करता हूं कि मैं इन लोगों को छोड़ूंगा नहीं। 21वें दिन सुबह 10 बजे मैं उपराज्यपाल के आवास के साथ-साथ जो अधिकारी सरकार के काम में बाधा डाल रहे हैं उनके घरों और कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन करूंगा।’’

गोयल ने कहा, ‘‘उन्होंने अब तक किसी भी समिति की बात नहीं सुनी है। मैं दिल्ली के लोगों को अपने साथ लेकर चलूंगा और आपमें से जो भी मेरे साथ आना चाहते हैं, वे आ सकते हैं।’’

इससे पहले दिन में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा था कि चूंकि वर्मा ने धनराशि जारी नहीं की इसलिए इस वर्ष दिवाली और छठ त्योहार पर विधानसभा के वार्षिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किये जा सके।

उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान क्रिसमस पर समारोह भी आयोजित नहीं किया जाएगा। इसके बाद आप के मुख्य सचेतक दिलीप पांडे ने वर्मा को विधानसभा में तलब करने का प्रस्ताव पेश किया।

दोपहर के भोजन के बाद जब विधानसभा सत्र दोबारा शुरू हुआ तो वित्त मंत्री आतिशी ने यह मुद्दा उठाया।

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि कोई साजिश चल रही है। वित्त विभाग दिल्ली विधानसभा से संबंधित फाइलों को कानून विभाग को भेजता है। हालांकि, कानून विभाग ने 40 से अधिक फाइलों पर लिखा है कि विधानसभा से संबंधित कोई भी फाइल उनके पास नहीं आनी चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘1993 से दिल्ली विधानसभा की फाइलें वित्त विभाग को भेजी जा रही थीं, लेकिन अब वित्त विभाग कह रहा है कि फाइलें उन्हें नहीं भेजी जानी चाहिए।’’

आतिशी ने यह भी दावा किया कि वित्त मंत्री होने के बावजूद वित्त विभाग द्वारा उनके निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (जीएनसीटीडी) (संशोधन) अधिनियम के बाद अधिकारी मंत्रियों की बात नहीं सुन रहे हैं। दिल्ली की नौकरशाही को चुनी हुई सरकार के खिलाफ हथियार बनाया गया है।’’

गोयल के अनुसार प्रमुख सचिव, वित्त ने कहा था कि वह छुट्टी पर हैं और सचिव, वित्त निहारिका राय को कार्यवाही में भाग लेने के लिए भेजा था।

हालांकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायकों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि सचिव के बजाय प्रमुख सचिव किसी विभाग का प्रमुख होता है। आप विधायकों ने अनुपस्थिति को ‘‘सदन की अवमानना’’ बताया और सवाल किया कि जब विधानसभा सत्र चल रहा है तो वरिष्ठ अधिकारी छुट्टी पर कैसे हो सकते हैं।

इसके बाद गोयल ने वर्मा को सदन में उपस्थित रहने का निर्देश दिया अन्यथा मामला विशेषाधिकार समिति को भेजा जाएगा।

इस बीच, विधानसभा के वित्तीय मामलों से जुड़ी फाइलें सीधे वित्त विभाग को भेजने का पांडे का प्रस्ताव सदन से पारित हो गया।

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