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देश की खबरें | प्रधानमंत्री मोदी ने नासिक के कालाराम मंदिर में भगवान राम के दर्शन के बाद बजाए झांझ-मजीरे

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को नासिक में भगवान राम के प्रख्यात कालाराम मंदिर में पूजा-अर्चना की और 'भजन-कीर्तन' में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने झांझ-मजीरे भी बजाए।

देश की खबरें | प्रधानमंत्री मोदी ने नासिक के कालाराम मंदिर में भगवान राम के दर्शन के बाद बजाए झांझ-मजीरे

नासिक, 12 जनवरी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को नासिक में भगवान राम के प्रख्यात कालाराम मंदिर में पूजा-अर्चना की और 'भजन-कीर्तन' में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने झांझ-मजीरे भी बजाए।

महाराष्ट्र के एक दिवसीय दौरे पर आए प्रधानमंत्री ने शहर के पंचवटी क्षेत्र में गोदावरी नदी के किनारे स्थित मंदिर में दर्शन करने से पहले शहर में एक रोड शो भी किया।

प्रधानमंत्री का यह दौरा 22 जनवरी को अयोध्या में भव्य राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से ठीक 10 दिन पहले हुआ।

कालाराम मंदिर के न्यासी वकील अनिकेत निकम और धनंजय पुजारी ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। इस बीच सड़क के दोनों ओर लोगों ने 'जय श्री राम' के नारे लगाए।

मोदी ने मंदिर में भगवान गणेश और भगवान राम का 'पूजन' एवं 'आरती' की जिसमें मुख्य पुजारी, महंत सुधीरदास पुजारी ने अनुष्ठान कराया ।

प्रधानमंत्री ने मंदिर की प्रदक्षिणा (परिक्रमा) की और 'भजन-कीर्तन' में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने अन्य भक्तों के साथ झांझ-मजीरे बजाए।

मंदिर के न्यासी सदस्यों ने उन्हें शॉल, प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह, भगवान राम की चांदी की मूर्ति और मंदिर के देवताओं भगवान राम, सीता एवं लक्ष्मण की तस्वीरें देकर सम्मानित किया। मंदिर में उन्हें पंजीरी (प्रसाद) दिया गया।

प्रधानमंत्री ने इस दौरान महाकाव्य रामायण की कथा सुनी। उन्होंने विशेष रूप से 'लंका कांड' वाला खंड सुना जिसमें भगवान राम की अयोध्या वापसी का गान है। रामायण को मराठी में प्रस्तुत किया गया और मोदी ने एआई अनुवाद के माध्यम से हिंदी संस्करण को सुना।

मोदी ने मंदिर के पास स्वामी विवेकानन्द की प्रतिमा पर भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

रामायण से जुड़े स्थानों में पंचवटी का विशेष स्थान है क्योंकि रामायण की कई महत्वपूर्ण घटनाएं इसी स्थान पर घटी थी। पंचवटी का अर्थ है पांच बरगद के पेड़ों वाली भूमि। किंवदंती है कि भगवान राम ने यहां अपनी कुटिया स्थापित की थी क्योंकि पांच बरगद के पेड़ों की उपस्थिति ने इस क्षेत्र को शुभ बना दिया था।

मंदिर में दर्शन के बाद प्रधानमंत्री 27वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव के उद्घाटन स्थल तपोवन मैदान के लिए रवाना हुए।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 12, 2024 03:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).