प्रधानमंत्री ने जून-जुलाई में मामलों में बढ़ोतरी की आशंका जाहिर की : सिंह देव

सिंहदेव ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ आज चौथी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग थी और नौ राज्यों को टॉकिंग मोड पर रखा गया था। आज वीडियो कॉन्फ्रेंस का सार यही था कि कोरोना वायरस हमारे बीच अधिक दिनों तक रहेगा।

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राज्य के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव भी इस कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे। सिंहदेव ने संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री ने कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि कोरोना वायरस बहुत दिनों तक हमारे बीच में रहेगा तथा जून, जुलाई महीने में इसमें बढ़ोतरी हो सकती है।

सिंहदेव ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ आज चौथी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग थी और नौ राज्यों को टॉकिंग मोड पर रखा गया था। आज वीडियो कॉन्फ्रेंस का सार यही था कि कोरोना वायरस हमारे बीच अधिक दिनों तक रहेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ग्रीन जोन, यलो जोन और रेड जोन है (कोरोना वायरस संक्रमण के अनुसार) उसमें भी बदलाव आ सकता है। ग्रीन जोन है वह ऑरेंज जोन बन सकता है तथा जो ऑरेंज जोन है वह रेड जोन बन सकता है। रेड के भीतर और भी खराब स्थिति हो सकती है। यह सोचना कि हम ग्रीन जोन में हैं कभी कोरोना का प्रभाव नहीं आएगा यह गलत सोचना होगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री ने ग्रीन जोन को एक तीर्थ स्थल की संज्ञा दी है तथा कहा है कि इन जोन पर आगे हमको अपनी जीवन शैली कैसी अपनानी है। उसके लिए मॉडल तैयार करना होगा।

सिंहदेव ने बताया कि विडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री ने लॉकडाउन समाप्त करने की बात नहीं की।

राज्य में कोरोना वायरस की स्थिति को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वर्तमान में राज्य में हालात ठीक हैं। लेकिन प्रधानमंत्री ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि जून और जुलाई में इसमें बढ़ोतरी हो सकती है। इसका मतलब है कि कोरोना हमारे बीच में लंबे समय तक रहेगा और उसे ध्यान में रखकर हमको अपनी गतिविधि करनी है।

प्रधानमंत्री के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, मुख्य सचिव आर.पी. मण्डल, पुलिस महानिदेशक डी.एम. अवस्थी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

इससे पहले मुख्यमंत्री बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कोरोनावायरस महामारी को ध्यान में रखते हुए राज्य में राहत और कल्याणकारी योजनाओं के संचालन के लिए अगले तीन महीनों में 30 हजार करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता की मांग की थी।

वहीं एक अन्य पत्र में मुख्यमंत्री बघेल ने छत्तीसगढ़ की खनन परियोजनाओं और औद्योगिक इकाईयों द्वारा प्रधानमंत्री केयर फंड में जमा की गई सीएसआर की राशि को शीघ्र राज्य सरकार को अंतरित करने का अनुरोध किया था।

संजीव

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