ताजा खबरें | प्रधानमंत्री ने देश को तूफान से निकाला, अब हम आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ रहे हैं: भाजपा
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. भाजपा ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि कोरोना वायरस संकट के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को तूफान से निकालकर बचाने का काम किया गया और आज भारत बदल रहा है तथा आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ रहा है।
नयी दिल्ली, 18 सितंबर भाजपा ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि कोरोना वायरस संकट के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को तूफान से निकालकर बचाने का काम किया गया और आज भारत बदल रहा है तथा आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ रहा है।
‘वर्ष 2020-21 के लिये अनुदान की अनुपूरक मांगों के पहले बैच और वर्ष 2016-17 की अतिरिक्त अनुदान की मांगों पर चर्चा की शुरुआत करते हुए भाजपा सांसद जयंत सिन्हा ने यह भी कहा कि अनुदान की अनुपूरक मांगों के यह दस्तावेज ‘आत्मनिर्भरता के लिए एक घोषणापत्र’ है।
उन्होंने कहा, ‘‘ पूरी दुनिया में एक तूफान फैला हुआ है। यह हमारा सौभाग्य है कि इस तूफान में देश की नैया एक ऐसे मांझी (मोदी) के हाथ में है जो हमें सुरक्षा की तरफ लेते जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इस आपदा को अवसर में बदला। हम सिर्फ देश को बचाने में नहीं बल्कि देश को आगे बढ़ाने में लगे हैं।’’
सिन्हा ने कहा कि आपदा मोचन के लिए पर्याप्त राशि दी गई। कोविड से जुड़ी तैयारियों के लिए छह हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं।
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उन्होंने कहा, ‘‘ जनवरी में हम सिर्फ 10 जांच प्रतिदिन करते पाते थे, लेकिन आज हम प्रतिदिन 10 लाख जांच कर पा रहे हैं। दुनिया में ऐसा कहीं नहीं है।’’
जयंत सिन्हा ने कहा कि हमने 70 साल में 48 हजार वेंटिलेटर बनाए थे और सिर्फ 70 दिन में 50 हजार वेंटिलेंटर बनाए हैं। आज हम मास्क, पीपीई किट और वेंटिलेटर निर्यात कर रहे हैं।
हजारीबाग से लोकसभा सदस्य सिन्हा ने कहा कि अनुदान की अनुपूरक मांगों में देखा जा सकता है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत हर व्यक्ति को अनाज दिया जा रहा है। जनधन खातों में हजारो करोड़ की मदद दी गई। किसान सम्मान निधि योजना के तहत भी किसानों को काफी धनराशि दी गई।
उन्होंने कहा कि शहरों से गांवों को लौटे मजदूरों के लिए कदम उठाए। मनरेगा के तहत 40 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन किया गया ताकि लोगों को काम मिल सके।
भाजपा सांसद ने कहा कि कोरोना महामारी के समय शुरुआत में छह करोड़ लोग मनरेगा में काम करने लगे थे और अर्थव्यवस्था के पटरी पर आने के कारण अब दो करोड़ से कम लोग मनरेगा के तहत काम कर रहे हैं।
सिन्हा ने इस बात पर जोर दया कि कर्ज बाजार को संतुलित रखा गया है ताकि अर्थव्यवस्था में स्थिरता बनी रहे। दुनिया के ज्यादातर देशों में मुद्रा का अवमूल्यन हुआ, लेकिन भारतीय रुपया स्थिर रही है। दुनिया भर में हमारी अर्थव्यवस्था में भरोसा है।
उन्होंने कहा, ‘‘ हम सिर्फ आपदा से बच नहीं रहे, बल्कि देश को बदल भी रहे हैं। आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं।’’
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