एजेंसी न्यूज

जरुरी जानकारी | विदेशी बाजारों में गिरावट के बीच सभी तेल-तिलहन के भाव स्थिर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में गिरावट के रुख के साथ सस्ते आयातित तेलों की प्रचुरता एवं मांग कमजोर रहने के बीच घरेलू बाजारों में बृहस्पतिवार को लगभग सभी तेल-तिलहनों के थोक दाम स्थिर बंद हुए। इसके चलते सरसों, मूंगफली एवं सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल के थोक दाम पूर्ववत रहे।

जरुरी जानकारी | विदेशी बाजारों में गिरावट के बीच सभी तेल-तिलहन के भाव स्थिर

नयी दिल्ली, 18 जुलाई विदेशी बाजारों में गिरावट के रुख के साथ सस्ते आयातित तेलों की प्रचुरता एवं मांग कमजोर रहने के बीच घरेलू बाजारों में बृहस्पतिवार को लगभग सभी तेल-तिलहनों के थोक दाम स्थिर बंद हुए। इसके चलते सरसों, मूंगफली एवं सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल के थोक दाम पूर्ववत रहे।

मलेशिया और शिकॉगो एक्सचेंज में गिरावट का रुख है।

बाजार सूत्रों ने कहा कि वर्ष 2007 में मूंगफली, बिनौला, तिल खल जैसे खल का दाम 9-10 रुपये किलो था। इसमें से देश में सबसे अधिक खपत बिनौला खल की है। लेकिन खाद्य तेलों के दाम बांधे रखने और सस्ते खाद्य तेल आयात के कारण आज इसी खल के दाम लगभग चार गुना बढ़कर 35-40 रुपये किलो हो गये हैं। दुधारू मवेशियों के आहार का मुख्य हिस्सा तेल खल ही है। दूसरी ओर दूध का दाम वर्ष 2006-07 में 18 रुपये लीटर था, वह आज बढ़कर लगभग 70-72 रुपये लीटर हो गया है। खाद्य तेल के दाम बांधने से दूध के दाम लगभग चार गुना मंहगे हुए हैं और खाद्य तेलों के मुकाबले दूध की खपत लगभग सात गुना अधिक है। खाद्य तेलों के दाम देश में अलग-अलग हो सकते हैं पर दूध का दाम पूरे देश में लगभग एक जैसा होता है। लेकिन सभी की चिंता केवल खाद्य तेलों के दाम बढ़ने को लेकर ही रहती है, दूध की मंहगाई की ओर कौन ध्यान देगा?

सूत्रों ने कहा कि सस्ता आयात बढ़ने से देशी तेल मिलों का कामकाज प्रभावित हुआ है और रोजगार कम हुए हैं, किसानों की उपज नहीं बिक रही है, खाद्य तेलों के आयात के लिए विदेशी मुद्रा खर्च हो रही है और उपभोक्ताओं को खुदरा दाम में कोई राहत नहीं मिल रही है।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 5,990-6,040 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,425-6,700 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,400 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,315-2,615 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 11,600 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,900-2,000 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,900-2,025 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,350 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,100 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,700 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,575 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,725 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,800 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 8,850 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,580-4,600 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,390-4,510 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,125 रुपये प्रति क्विंटल।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 18, 2024 08:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).