देश की खबरें | राष्ट्रपति कोविंद का शिक्षण संस्थानों से आह्वान : राष्ट्र की प्रगति के लिए मिलकर काम करें
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को विभिन्न शिक्षण संस्थानों से देश की अधिक प्रगति के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया और इसके साथ ही शिक्षा में अनुसंधान को बढ़ावा देने पर भी बल दिया।
चंडीगढ़, 16 नवंबर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को विभिन्न शिक्षण संस्थानों से देश की अधिक प्रगति के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया और इसके साथ ही शिक्षा में अनुसंधान को बढ़ावा देने पर भी बल दिया।
राष्ट्रपति कोविंद यहां पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पीईसी) के शताब्दी वर्ष समारोह के दौरान एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम का नेतृत्व करने के लिए संस्थान के पूर्व छात्र व प्रख्यात वैज्ञानिक सतीश धवन के योगदान को याद करते हुए प्रतिभाओं को पोषित करने तथा भविष्य के नेताओं को तैयार करने के लिए भी पीईसी की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह उन्हें सभी राज्यपालों, उप राज्यपालों और प्रशासकों से बातचीत करने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में, उन्हें नवाचार को बढ़ावा देना चाहिए तथा अनुसंधान और विकास को प्रोत्साहित करना चाहिए।
राष्ट्रपति ने कहा, "इस संदर्भ में, मैं पीईसी जैसे संस्थानों और आपके सक्षम पूर्व छात्रों से देश के अन्य विश्वविद्यालयों के साथ मार्गदर्शक (मेंटर) के रूप में काम करने एवं सहयोग करने की अपेक्षा करता हूं। पीईसी में देश के सभी क्षेत्रों के छात्र हैं, जो इसे विविधता में एकता का एक आदर्श उदाहरण बनाते हैं।"
उन्होंने कहा, ‘‘यदि कोई संस्थान इतने अधिक छात्रों के लिए एकीकरण कारक हो सकता है, तो मुझे भरोसा है कि आप सभी का मार्गदर्शन निश्चित रूप से हमारे देश के लिए भी एकीकरण कारक बन सकता है। हमने हमेशा 'वसुधैव कुटुम्बकम' के आदर्श का पालन किया है - पूरी दुनिया एक परिवार है।"
राष्ट्रपति ने कहा कि यह वांछनीय है कि विभिन्न संस्थान और विश्वविद्यालय इस सिद्धांत का पालन करें। उन्होंने कहा, "हमें अपने देश की अधिक प्रगति के लिए मिलकर काम करने और अपने देश के सभी छात्रों के लाभ के लिए एक ज्ञान नेटवर्क बनाने की जरूरत है।"
पंजाब की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इसने हमेशा देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, "सिंधु घाटी सभ्यता के केंद्र के रूप में हो या वैदिक काल के सप्त सिंधु क्षेत्र के रूप में, पंजाब ने प्राचीन काल से एक पहचान बनाई है। देश का सीमावर्ती राज्य होने के नाते, यह बाहरी प्रभावों के कारण सामाजिक व राजनीतिक असर महसूस करने में आगे रहा है।’’
राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, "सबसे महत्वपूर्ण चीज यह है कि यह पूरी दुनिया में भारतीय संस्कृति और सभ्यता का एक प्रमुख प्रतीक रहा है। चाहे आध्यात्मिक परंपराएं हों या आधुनिक तकनीक, इस भूमि की उपलब्धियां हमारे देश का चमकता गौरव हैं।"
कोविंद ने कहा कि पीईसी जो अब एक डीम्ड विश्वविद्यालय है और चंडीगढ़ में एक जीवंत ज्ञान केंद्र बन गया है, जिसमें सैकड़ों छात्र विभिन्न विषयों में पेशेवर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "इसकी जड़ें 9 दिसंबर, 1921 से हैं, जब सर एडवर्ड डगलस मैकलागन ने लाहौर में मुगलपुरा टेक्निकल कॉलेज की नींव रखी थी।"
इस मौके पर पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित, हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद थे।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)