जरुरी जानकारी | बिजली मंत्री ने सेम्बकार्प की 800 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजनाएं देश को समर्पित की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने बुधवार को 800 मेगावाट क्षमता की पवन ऊर्जा परियोजनाएं देश को समर्पित की। इन परियोजनाओं का विकास सिंगापुर की सेम्बकार्प इंडस्ट्रीज की भारतीय इकाई सेम्बकार्प एनर्जी इंडिया लि. (एसईआईएल) ने किया है।
नयी दिल्ली, 29 जुलाई बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने बुधवार को 800 मेगावाट क्षमता की पवन ऊर्जा परियोजनाएं देश को समर्पित की। इन परियोजनाओं का विकास सिंगापुर की सेम्बकार्प इंडस्ट्रीज की भारतीय इकाई सेम्बकार्प एनर्जी इंडिया लि. (एसईआईएल) ने किया है।
इसके साथ कंपनी पहली इकाई बन गयी है जिसने सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सेकी) द्वारा आयोजित बोली में हासिल सभी परियोजनाएं समय पर पूरी कर ली है।
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इस मौके पर डिजिटल तरीके से आयोजित कार्यक्रम में सिंह ने 800 मेगावाट क्षमता की तीनों पवन ऊर्जा परियोजनों को सफल तरीके से क्रियान्वित करने को लेकर कंपनी की सराहना की।
उन्होंने कहा, ‘‘हम नवीकरणीय ऊर्जा की ओर परिवर्तन चाहते हैं। हम 2022 तक नवीकरणीय ऊर्जा उत्पान क्षमता 1,75,000 मेगावाट करेंगे। प्रधानमंत्री ने 2030 तक 4,50,000 मेगावाट का दृष्टिकोण दिया है।’’
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सिंह ने कहा कि सौभाग्य योजना के तहत 2.6 करोड़ घरों को बिजली कनेक्शन पहुंचने से बिजली मांग आने वाले दिनों में बढ़ेगी।
उन्होंने क्षेत्र में सभी कंपनियों को पारदर्शिता और समान अवसर का अश्वासन दिया।
इस मौके पर सेम्बकार्प एनर्जी इंडिया के प्रबंध निदेशक विपुल तुली ने कहा, ‘‘हमने सेकी की तरफ से आयोजित तीन दौर की नीलामी में हासिल तीन परियोजनाओं को समय पर चालू कर अपना वादा पूरा किया है।’’
इसके साथ सेम्बकार्प की भारत में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़कर 1,730 मेगावाट हो गयी है।
उन्होंने कहा कि सेम्बकार्प ने करीब 5,500 करोड़ रुपये के निवेश से तमिलनाडु के तुतीकोरिन में 249.9 मेगावाट पवन ऊर्जा परियोजना और गुजरात के भुज में कुल 550 मेगावाट क्षमता की दो परियोजानाएं लगायी हैं।
तुली ने कहा कि परियोजनाएं 2,600 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली हैं जो दिल्ली के आकार का डेढ़ गुना है।
उन्होंने कहा कि कंपनी ने तुतीकोरिन परियोजना 3.50 रुपये प्रति यूनिट की दर पर हासिल की थी। सेकी के दूसरे दौर की नीलामी में भुज में 2.65 रुपये प्रति यूनिट की दर पर 250 मेगावाट और तीसरै दौर की नीलामी में भुज में ही 2.44 रुपये यूनिट पर 300 मेगावाट क्षमता की परियोजना हासिल की थी।
तुली ने कहा कि कंपनी को अपनी बाध्यताओं को पूरा करने का भरोसा है। ‘‘हम शुल्क को लेकर कोई सट्टाबाजी आधारित रुख नहीं अपनाते। हम तभी पेशकश करते हैं, जब हम वादे को पूरा कर सकते हैं।’’
हालांकि, उन्होंने कहा कि कंपनी तापीय बिजली परियोजना क्षमता विस्तार करने पर गौर नहीं कर रही है। फिलहाल कंपनी की तापीय बिजली परियोजना 2,640 मेगावाट है।
तुली ने कहा, ‘‘सेकी -3 पवन ऊर्जा परियोजना के तहत 300 मेगावाट की परियोजना चालू होने के साथ सेम्बकार्प पहली स्वतंत्र बिजली उत्पादक कंपनी बन गयी है, जिसने सेकी से पहली तीन पवन ऊर्जा परियोजनाओं की नीलामी में आबंटित सभी परियोजनाओं को पूरी तरह से चालू कर दिया है।
सेम्बकार्प एनर्जी इंडिया निजी क्षेत्र की प्रमुख स्वतंत्र बिजली उत्पादक कंपनी (आईपीपी) है।
इन तीनों परियोजनाओं से 600,00 घरों को बिजली मिलेगी जबकि 20 लाख टन सालाना से अधिक कार्बन डाईआक्साइड के उत्सर्जन में कमी आएगी।
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