देश की खबरें | राजस्थान में 'सत्ता' पूरी तरह से केन्द्रीकृत है : मंत्री

जयपुर, छह नवंबर राजस्थान सैनिक कल्याण मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा ने सोमवार को कहा कि राज्य में सत्ता (पावर) पूरी तरह केन्द्रीकृत है और पुलिस कांस्टेबल के तबादले के लिए भी लोगों को मुख्यमंत्री आवास पर जाना पड़ता है। मंत्री ने कहा कि 'सत्ता' का विकेंद्रीकरण होना चाहिए।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के नौकरशाही पर नियंत्रण के लिये भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारियों की सालाना गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) भरने का अधिकार मंत्रियों को दिये जाने के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए गुढ़ा ने कहा कि राजस्थान में सत्ता पूरी तरह केन्द्रीकृत है और इसका विकेंद्रीकरण होना चाहिए।

उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि ‘‘राजस्थान के अंदर मेरी जानकारी के हिसाब से तो सत्ता पूरी तरह केन्द्रीकृत (सेंट्रलाइज) है। जो पुलिस महानिदेशक (डीजी) की नियुक्ति करते हैं वे ही कांस्टेबल का तबादला करते है। कांस्टेबल के तबादले के लिये भी लोगों को मुख्यमंत्री निवास जाना पडता है।’’

उन्होंने कहा,' खाचरियावास की तरफ से जो प्रश्न आया है (भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की एसीआर भरने के बारे में) और उसके बाद इस मामले में जो चर्चाएं हुई हैं…. राजस्थान के अंदर मेरी जानकारी के हिसाब से सत्ता पूरी तरह केंद्रीकृत है।'

उन्होंने कहा कांस्टेबल का तबादल भी मुख्यमंत्री करते हैं, लेकिन सत्ता का विकेंद्रीकरण होना चाहिए।

हाल ही में खाचरियावास ने कहा था कि नौकरशाही को नियंत्रण में रखने के लिए आईएएस अधिकारियों की एसीआर भरने का अधिकार मंत्रियों के पास होना चाहिए। इस बयान पर जलदाय मंत्री महेश जोशी ने प्रतिक्रिया दी थी और मुख्यमंत्री का बचाव किया था।

इसके बाद खाचरियावास ने एक तरह से जोशी के मुख्यमंत्री का गुलाम होने की बात की। हालांकि, जोशी द्वारा अपने लिए इस्तेमाल की जाने वाली और खाचरियावास द्वारा उपयोग में लिये गये शब्द पर कड़ी आपत्ति जताए जाने के बाद मंत्री(खाचरियावास) ने यह कहते हुए अपनी टिप्पणी वापस ले ली कि उनके और जोशी के बीच संबंध सौहार्दपूर्ण हैं और उन्हें ऐसा नहीं कहना चाहिए था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)