जरुरी जानकारी | कच्चे जूट की आपूर्ति में सुधार की संभावना

कोलकाता, 15 दिसंबर जूट मिलें अब कुछ राहत का सांस ले सकती हैं। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने जूट गांठ रखने वालों (बेलर) से कहा है कि वे जूट क्षेत्र के नियामक के निर्देशों का अनुपालन करते हुए अधिकतम 500 क्विन्टल का स्टॉक रख सकते हैं। स्टॉक रखने की सीमा पहले 1,500 क्विन्टल थी।

उद्योग सूत्रों के अनुसार न्यायालय के इस फैसले के कारण बाजार में 12 से 15 लाख गांठ के आने की संभावना है।

यह भी पढ़े | Farmers Protest: शिवराज सिंह चौहान का कांग्रेस पर निशाना, कहा-वो लोग विरोध कर रहे हैं जिन्हें ये पता नहीं कि प्याज जमीन के ऊपर होता है या नीचे, राहुल गांधी बता दे कि भिंडी कैसे लगती है.

उन्होंने कहा कि इससे जूट मिलों को फूड पैकेजिंग के लिए गनी बैग के लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिलेगी जिन्हें 2.5 लाख गांठ से अधिक की कमी का सामना करना पड़ रहा है।

जूट गांठ के 500 क्विंटल का स्टॉक रखने का आदेश नवंबर की शुरुआत में जूट आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी किया गया था। उस समय जूट की कीमत 4,225 रुपये के एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) के मुकाबले 6,000 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक हो गई थी।

यह भी पढ़े | SBI alert! मेंटेनेस गतिविधि के कारण इन ग्राहकों के लिए एसबीआई की सेवाएं दो दिनों तक निलंबित रहेंगी.

जूट नियामक को अदालत ने कहा कि यदि कोई स्टॉकिस्ट आवेदन करे तो नियामक कोई कार्रवाई किए बिना, समय सीमा को बढ़ाने की अनुमति देने पर विचार करें।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)