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उत्तर प्रदेश: स्वस्थ और समर्थ भारत की नींव है पोषण अभियान : मुख्यमंत्री आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि ‘‘पोषण अभियान स्वस्थ और समर्थ भारत की नींव’’ है। उन्होंने कहा कि राज्य में महिला स्वयंसेवी समूह आंगनबाड़ी केंद्रों तक आज पोषाहार पहुंचा रहे हैं। इसी का नतीजा है कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण में उत्तर प्रदेश ने लंबी छलांग लगाई है।

उत्तर प्रदेश: स्वस्थ और समर्थ भारत की नींव है पोषण अभियान : मुख्यमंत्री आदित्यनाथ
Yogi Adityanath Photo Credits: Twitter

लखनऊ, 19 मार्च: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि ‘‘पोषण अभियान स्वस्थ और समर्थ भारत की नींव’’ है। उन्होंने कहा कि राज्य में महिला स्वयंसेवी समूह आंगनबाड़ी केंद्रों तक आज पोषाहार पहुंचा रहे हैं. इसी का नतीजा है कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण में उत्तर प्रदेश ने लंबी छलांग लगाई है. आदित्यनाथ ने सोमवार को लोकभवन में आयोजित राष्ट्रीय पोषण माह कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कुपोषण से लड़ने के वास्ते व्यापक अभियान प्रारंभ करने के लिए पूरे देश को प्रेरित किया है। इस दिशा में विगत छह वर्षों में उत्तर प्रदेश में काफी कार्य हुए हैं.

एक सरकारी बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘एक समय था जब इंसेफेलाइटिस से पूरे प्रदेश में प्रतिवर्ष 1200-1500 मौतें होती थीं। पूर्वी उत्तर प्रदेश इस बीमारी से खासा प्रभावित था। 1977 से लेकर 2017 तक यानी 30 वर्षों में प्रदेश में लगभग 50,000 बच्चे इस बीमारी की चपेट में आकर काल कवलित हो चुके थे.’’ उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आने के बाद हमने केंद्र सरकार के साथ 2018 में अन्तर्विभागीय समन्वय बनाकर इंसेफेलाइटिस के उन्मूलन का कार्य शुरू किया और आज पूरे प्रदेश से इंसेफेलाइटिस को समाप्त करने में हम सफल हुए हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में मातृ और शिशु मृत्यु दर में गिरावट आई है। ऐसा इसलिए संभव हो पाया क्योंकि माताओं और शिशुओं को पोषण आहार मिलना शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आंगनबाड़ी केंद्र, न्याय पंचायत और ब्लॉक स्तर पर स्वस्थ बालक और बालिका प्रतिस्पर्धा का आयोजन करेगी.आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘आजादी के अमृत काल का यह प्रथम वर्ष है. भारत कई उपलब्धियों को लेकर के चल रहा है. हम सबको 2027 तक भारत को दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करना है.’’

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2047 यानी जब देश आजादी का शताब्दी वर्ष मना रहा होगा, उस समय के लिए देश को विकसित भारत बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए हमें देश को स्वस्थ, साक्षर और समर्थ बनाना है. कार्यक्रम में गोद भराई की रस्म भी निभाई गई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रतीक स्वरूप कुछ गर्भवती महिलाओं को उपहार में दवाएं और पौष्टिक खाद्य सामग्री भेंट की.

मुख्यमंत्री ने 155 करोड़ रुपये की लागत से 1,359 आंगनबाड़ी केन्द्रों का लोकार्पण/शिलान्यास किया. साथ ही 50 करोड़ रुपये की लागत से 171 बाल विकास परियोजना कार्यालयों का शिलान्यास किया गया.

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने 2.90 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को यूनिफॉर्म (साड़ी) के लिए डीबीटी के माध्यम से 29 करोड़ रुपये की धनराशि का अंतरण किया. कार्यक्रम में महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला, मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र, कृषि उत्पादन आयुक्त मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास बीना कुमार समेत अन्य लोग मौजूद थे.

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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 19, 2023 03:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).