विदेश की खबरें | फ्लॉयड की मौत पर पोप ने अमेरिकी कैथोलिकों को दिया सख्त संदेश

काले और गोरे कार्डिनल ने फ्लॉयड की मौत के बारे में काफी मुखरता के साथ अपनी बात रखी है।

फ्लॉयड की पुलिस हिरासत में मौत की घटना पर अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के वर्ष में वेटिकन की कड़ी एवं निरंतर प्रतिक्रिया से यह प्रदर्शित होता है कि यह नस्लवाद विरोधी प्रदर्शनों को प्रोत्साहित करना चाहता है। साथ ही, इस बारे में भी एक स्पष्ट संदेश दे रहा है कि नवंबर में होने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव से पहले अमेरिकी कैथोलिकों को कहां खड़ा होना चाहिए।

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येल डिवाइनिटी स्कूल में प्रेसेडेंशियल विजिटिंग फेलो एंथिया बटलर ने कहा, ‘‘(पोप)फ्रांसिस यहां कंजरवेटिव कैथोलिकों, ट्रंप के समर्थकों को, यह स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं कि ‘सुनिये, यह लगभग गर्भपात जैसा ही एक मुद्दा है।’’

अफ्रीकी मूल के अमेरिकी नागरिक बटलर ने कहा, ‘‘ वेटिकल कैथोलिकों से उस नस्लवाद के प्रति ध्यान केंद्रित करने को कह रहा है, जो हो रहा है और जो अमेरिका में आपके गिरिजाघरों में व्याप्त है।’’

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वेटिकन नस्ली अन्याय के बारे में लंबे समय से मुखर रहा है। पोप पॉल छठे से ही नागरिक अधिकार आंदोलन के लिये और मार्टिन लूथर किंग जूनियर के अहिंसक प्रदर्शन के प्रति समर्थन मुखर किया जाता रहा है।

उल्लेखनीय है कि पिछले हफ्ते फ्रांसिस ने ‘‘नस्लवाद के पाप’’ की निंदा की थी और फ्लॉयड को दर्दनाक हत्या का शिकार बताया था।

फ्रांसिस ने इतालवी और अंग्रेजी में लिखे अपने संदेश में प्रदर्शनों के दौरान हिंसा पर चिंता जताते हुए कहा कि यह आत्मघाती है।

उल्लेखनीय है कि फ्रांसिस ने गर्भपात के प्रति गिरिजाघर के विरोध का दृढ़ता से समर्थन किया है। वहीं, सर्वेक्षणों से यह प्रदर्शित होता है कि अमेरिकी कैथोलिकों में ज्यादातर लोग कानूनी गर्भपात पर पाबंदी का समर्थन करते हैं।

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