देश की खबरें | विभाजन के दौरान देखी गई तुष्टिकरण की राजनीति 'घमंडिया' गठबंधन का प्रतीक है: नड्डा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने सोमवार को दावा किया कि कांग्रेस ने छोटे फायदे के लिए बड़े लक्ष्यों से समझौता किया जिससे भारत विभाजित हुआ।
नयी दिल्ली, 14 अगस्त भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने सोमवार को दावा किया कि कांग्रेस ने छोटे फायदे के लिए बड़े लक्ष्यों से समझौता किया जिससे भारत विभाजित हुआ।
नड्डा ने आरोप लगाया कि विपक्ष की राजनीति अब भी इसी तरह के 'तुष्टीकरण' पर आधारित है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में हालिया चुनावी हिंसा की तुलना 1946 में मुहम्मद अली जिन्ना के आह्वान पर विभाजन से पहले हुई हत्याओं से की।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में नड्डा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता भारत की अखंडता के खिलाफ नारे लगाने और अफजल गुरु के समर्थन में खड़े होने के लिए जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) गए थे।
उन्होंने कहा, "राहुल गांधी कहते हैं कि मुस्लिम लीग (इंडियन यूनियन) पूरी तरह से एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी है। क्या देश की बागडोर उन्हें दी जानी चाहिए?"
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता इसे धर्मनिरपेक्ष पार्टी मानते हैं, भले ही इसका नाम मुस्लिम लीग हो।
विभाजन के दौरान बड़े पैमाने पर पलायन, हत्याओं और बलात्कारों पर उन्होंने कहा कि लोगों को उन घावों की याद दिलाई जानी चाहिए जो भारत की आजादी को चिह्नित करते थे क्योंकि उस वक्त देश के दोनों हाथ काट दिए गए थे।
भाजपा अध्यक्ष ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व करने वाली कांग्रेस पर 1906 में जिन्ना के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया मुस्लिम लीग की स्थापना के बाद से उसके साथ बार-बार समझौता करने और 1921 में केरल के मोपला में हिंदुओं के कथित नरसंहार के दौरान चुप रहने का आरोप लगाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस समझौता करती रही जिसके कारण अंतत: देश का विभाजन हुआ।
नड्डा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में हाल के पंचायत चुनावों के दौरान 56 से अधिक लोग मारे गए और 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद 60 से अधिक लोग मारे गए थे।
उन्होंने इन हत्याओं पर विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' पर चुप्पी साधे रखने के लिए आलोचना की।
उन्होंने इस चुनावी हिंसा की तुलना 1946 में ऑल इंडिया मुस्लिम लीग के आह्वान के बाद लोगों की हत्याओं से की।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2021 में 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी। यह दिन वर्ष 1947 में भारत के विभाजन के दौरान लोगों की पीड़ा और कष्टों का स्मरण कराता है।
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