Odisha: ओडिशा के राजनीतिक दलों ने राज्य निर्वाचन आयुक्त से पंचायत चुनावों में शराब बंदी का आग्रह किया

त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के लिए चुनाव अगले साल फरवरी या मार्च में होने की संभावना है. वर्तमान पंचायती राज निकायों का कार्यकाल फरवरी 2022 में समाप्त हो जाएगा. पाढ़ी ने कहा कि प्रत्याशियों द्वारा चुनाव खर्च की सीमा पर भी विस्तार से चर्चा की गई.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Wikimedia Commons)

भुवनेश्वर: ओडिशा (Odisha) में सभी राजनीतिक दलों (Political Parties) के प्रतिनिधियों ने राज्य निर्वाचन आयुक्त (SEC) एपी पाढ़ी (AP Padhi) से 2022 की शुरुआत में संभावित पंचायत चुनावों (Panchayat Elections) को शराब (Liquor) से मुक्त रखने और प्रत्याशियों द्वारा चुनाव पर खर्च की सीमा को बढ़ाने का शनिवार को आग्रह किया. प्रतिनिधियों ने यहां राज्य निर्वाचन आयुक्त (एसईसी) की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के दौरान अपने विचार व्यक्त किए. Odisha: ओडिशा में अवैध हथियारों का व्यापार करने वाले 4 गिरफ्तार

पाढ़ी ने कहा, “विभिन्न विचारधाराओं वाली सभी पार्टियों ने मतदान वाले दिन और उससे कम से कम सात दिन पहले शराब पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव दिया है. उनका मानना है कि शांतिपूर्ण चुनाव तभी हो सकते हैं, जब क्षेत्र शराब से मुक्त हों.”

त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के लिए चुनाव अगले साल फरवरी या मार्च में होने की संभावना है. वर्तमान पंचायती राज निकायों का कार्यकाल फरवरी 2022 में समाप्त हो जाएगा. पाढ़ी ने कहा कि प्रत्याशियों द्वारा चुनाव खर्च की सीमा पर भी विस्तार से चर्चा की गई. राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा, “कई राजनीतिक दलों ने सरपंच और उम्मीदवारों के चुनावी खर्च को 80,000 रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये और जिला परिषद उम्मीदवारों के लिए दो लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने का प्रस्ताव दिया है.”

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\