जरुरी जानकारी | चौबीस घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली के लिये नीतिगत कदम, सहयोग की जरूरत: आर के सिंह

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. बिजली मंत्री आर के सिंह ने शुक्रवार को कहा कि ग्राहकों को चौबीस घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली, राष्ट्रीय ग्रिड की साइबर सुरक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण से संबंधित चुनौतियों का समाधान करने के लिये नीतिगत कदम और सभी पक्षों के सहयोग की जरूरत है।

नयी दिल्ली, 14 अक्टूबर बिजली मंत्री आर के सिंह ने शुक्रवार को कहा कि ग्राहकों को चौबीस घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली, राष्ट्रीय ग्रिड की साइबर सुरक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण से संबंधित चुनौतियों का समाधान करने के लिये नीतिगत कदम और सभी पक्षों के सहयोग की जरूरत है।

आधिकारिक बयान के अनुसार, केंद्रीय मंत्री ने राजस्थान के उदयपुर में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशो के ऊर्जा मंत्रियो के दो दिन के सम्मलेन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

बयान में कहा गया है, ‘‘हमने सभी घरों को बिजली पहुंचाने का लक्ष्य हासिल किया। हालांकि, 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली, राष्ट्रीय ग्रिड की साइबर सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा का एकीकरण जैसी कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं। इसे नीतिगत कदम और सभी पक्षों के सहयोग और भागीदारी से दूर करने की जरूरत है।’’

सिंह ने हाल के वर्षों में बिजली क्षेत्र में अधिशेष उत्पादन क्षमता, राष्ट्रीय ग्रिड के विकास, सभी घरों तक बिजली पहुंच और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आपूर्ति के मामले में उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने लोगों को उनके समर्थन और योगदान के लिये बधाई दी।

मंत्री ने कहा कि पिछले चार-पांच महीनों में बिजली की मांग करीब 11 प्रतिशत की दर से बढ़ी।

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन सरकार वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट के दौरान भी मांग को पूरा करने में कामयाब रही है।’’

सिंह ने कहा कि कोयले की कीमतें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी हैं लेकिन हम बिजली की कीमतों को नियंत्रण में रखने में कामयाब रहे हैं।

बयान के अनुसार, बैठक में कहा गया है कि देश में बिजली की मांग 2030 तक दोगुनी होने का अनुमान है। इसके लिये बड़े स्तर क्षमता जोड़े जाने की जरूरत है, जिसके लिये काफी पूंजी निवेश की आवश्यकता होगी।

सिंह ने कहा कि देश को अपने ऊर्जा बदलाव की वृद्धि को प्राप्त करने में मदद के लिये बिजली प्रणालियों के आधुनिकीकरण के साथ हरित हाइड्रोजन, भंडारण, अपतटीय पवन ऊर्जा आदि जैसी नई तकनीकों को बढ़ावा देने को लेकर भी पूंजी निवेश की आवश्यकता होगी।

उन्होंने कहा कि इसके लिये जरूरी है कि देशभर में बिजली वितरण कंपनियां विवेकपूर्ण और टिकाऊ वित्तीय गतिविधियों का पालन करें और सुनिश्चित करें कि उनका परिचालन बाजार में टिके रहने में सक्षम हो।

मंत्री ने बिजली क्षेत्र के लक्ष्यों को हासिल करने के लिये राज्यों से सहयोग की भी मांग की।

उदयुपर में शुक्रवार से शुरू हुए दो दिन के सम्मेलन में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री भाग ले रहे हैं।

सम्मेलन में केंद्रीय विद्युत और भारी उद्योग राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर भी मौजूद थे।

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