मुंबई, 26 अप्रैल महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वलसे-पाटिल ने मंगलवार को निर्दलीय सांसद नवनीत राणा के इस आरोप का खंडन किया कि शनिवार को उनकी और उनके पति की गिरफ्तारी के बाद पुलिस हिरासत में उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया।
उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आरोपों के बारे में जानकारी मांगी है और वह उपलब्ध करा दी जाएगी।
लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में नवनीत राणा ने आरोप लगाया कि उनकी जाति के कारण उनके साथ बुरा व्यवहार किया गया और खार थाने में उन्हें पानी भी नहीं दिया गया।
पुलिस ने इससे पहले दिन में एक वीडियो जारी किया जिसमें जिसमें वह थाने में चाय पीती दिखाई देती हैं। इसके बाद उनके वकील ने कहा कि घटना सांताक्रूज थाने में हुई थी, खार थाने में नहीं।
वलसे-पाटिल ने संवाददाताओं से कहा, "मैंने लोकसभा सदस्य नवनीत राणा के इन आरोपों के बारे में व्यक्तिगत रूप से जानकारी मांगी थी कि पुलिस अधिकारियों ने उनके साथ इसलिए बुरा व्यवहार किया क्योंकि वह निचली जाति से हैं।"
मंत्री ने कहा, "मुझे उनके आरोपों के समर्थन में कोई सबूत नहीं मिला। यह सच है कि थाने में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।"
उन्होंने कहा कि राणा दंपति के खिलाफ "कानूनी ढांचे के भीतर" कार्रवाई की गई। मंत्री ने कहा कि वह आगे कोई टिप्पणी नहीं करेंगे क्योंकि नवनीत राणा ने इस मुद्दे पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से संपर्क किया है।
वलसे-पाटिल ने कहा, "उन्होंने (अध्यक्ष) हमसे जानकारी मांगी है और हम इसे भेज देंगे।"
औरंगाबाद में एक मई को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे की रैली को अनुमति देने से जुड़े सवाल पर गृह मंत्री ने कहा कि अगले कुछ दिनों में निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने कहा, "अनुमति देने का निर्णय स्थानीय पुलिस आयुक्त द्वारा लिया जाएगा, न कि राज्य सरकार द्वारा।"
नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा को शनिवार को तब गिरफ्तार कर लिया गया था जब उन्होंने घोषणा की कि वे मुंबई में मुख्यमंत्री और शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के निजी आवास 'मातोश्री' के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। इस घोषणा से शिवसेना कार्यकर्ता नाराज हो गए थे और वे राणा दंपति के घर के बाहर पहुंच गए थे।
बाद में दंपति ने अगले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुंबई यात्रा का हवाला देते हुए ‘मातोश्री’ के बाहर हनुमान चालीसा के पाठ की अपनी योजना को छोड़ दिया था।
अन्य आरोपों और राजद्रोह के आरोप का सामना कर रहे राणा पति-पत्नी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
उधर, सांसद नवनीत राणा ने मंगलवार को नागपुर पुलिस को शिकायत देते हुए उनके खिलाफ की गई कुछ टिप्पणियों को लेकर शिवसेना सांसद संजय राउत के खिलाफ एससी/एसटी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की। राणा के निजी सचिव विनोद गुहे ने नागपुर पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार को यह शिकायत दी है। शिकायत में राणा ने राउत द्वारा की गई प्रेस कान्फ्रेंस का हवाला देते हुए इसमें उन्हें बिना नाम लिए 'बंटी और बबली' और '420' कहे जाने का उल्लेख किया है।
वहीं, इस संबंध में संपर्क किए जाने पर पुलिस आयुक्त ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामले में जांच की जा रही है।
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