देश की खबरें | पोल वॉल्ट के एथलीट कोरिया पहुंचे, उपकरण दिल्ली हवाई अड्डे पर अटके
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत के पोल वाल्ट के दो एथलीटों का दक्षिण कोरिया के येचियन में रविवार से शुरू हो रही एशियाई अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भाग लेना संदिग्ध है क्योंकि दक्षिण कोरिया और एयर इंडिया ने तकनीकी कारणों से उन्हें उपकरण साथ ले जाने की अनुमति नहीं दी।
नयी दिल्ली, तीन जून भारत के पोल वाल्ट के दो एथलीटों का दक्षिण कोरिया के येचियन में रविवार से शुरू हो रही एशियाई अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भाग लेना संदिग्ध है क्योंकि दक्षिण कोरिया और एयर इंडिया ने तकनीकी कारणों से उन्हें उपकरण साथ ले जाने की अनुमति नहीं दी।
देव कुमार मीणा (पुरुषों के पोल वॉल्ट) और सुनील कुमार (डेकाथलॉन, जिसमें पोल वॉल्ट 10 स्पर्धाओं में से एक है) को रविवार को अपनी-अपनी स्पर्धाओं में भाग लेना है लेकिन वह अपने उपकरणों के बिना ही दक्षिण कोरियाई उड़ान से शुक्रवार को सियोल के लिए रवाना हो गए। दक्षिण कोरियाई एयरलाइंस का एयर इंडिया से गठजोड़ है।
भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) के एक अधिकारी के अनुसार यहां तक कि एयर इंडिया ने भी शुक्रवार को इन खिलाड़ियों के ‘पोल’ ले जाने से इंकार कर दिया।
अधिकारी ने बताया कि एयर इंडिया ने इन दोनों खिलाड़ियों के पांच मीटर लंबे तीन ‘पोल’ को उनका लंबाई से जुड़े मसलों के कारण ले जाने से इंकार कर दिया।
उन्होंने पीटीआई से कहा,‘‘ यह दोनों खिलाड़ी दक्षिण कोरिया पहुंच चुके हैं लेकिन उनके ‘पोल’ दिल्ली हवाई अड्डे पर लटके हुए हैं। एयर इंडिया ने कहा कि वर्तमान नियमों के अनुसार वह उनके पांच मीटर लंबे ‘पोल’ को ले जाने की अनुमति नहीं दे सकता। यह बड़ी अजीब स्थिति है कि हमारे खिलाड़ी पिछले साल इसी तरह के ‘पोल’ के साथ दक्षिण कोरिया के बुसान गए थे।’’
अधिकारी ने कहा,‘‘ हम कल दोपहर से इधर-उधर चक्कर लगा रहे हैं लेकिन एयर इंडिया मानने को तैयार नहीं है। हम अब फेडएक्स एक्सप्रेस कार्गो से उनके उपकरण कोरिया भेजने की कोशिश कर रहे हैं।’’
भारत का 55 सदस्यीय दल शुक्रवार की शाम को दक्षिण कोरिया के लिए रवाना हुआ लेकिन टीम के साथ जा रहे प्रशिक्षकों से कहा गया कि वह तीन ‘पोल’ और साथ ही भाला ले जाने की अनुमति नहीं देंगे।
भारतीय एथलेटिक्स महासंघ ने एक ट्रेवल एजेंसी की मदद से एयर इंडिया के जरिए टिकट बुक कराए थे।
दो कोच को छोड़कर भारतीय दल दक्षिण कोरिया रवाना हो गया। यह दोनों कोच ‘पोल’ और भाला ले जाने के लिए रुके रहे। बाद में भाला ले जाने की अनुमति तो दी गई लेकिन ‘पोल’ ले जाने की अनुमति नहीं मिली।
अधिकारी ने कहा,‘‘ यह दोनों खिलाड़ी बेंगलुरु से घरेलू उड़ान से अपने ‘पोल’ दिल्ली लेकर आए थे और तब कोई समस्या नहीं हुई थी। इस बार यह मामला अलग क्यों है मैं नहीं जानता।’’
उन्होंने कहा,‘‘ यह दोनों खिलाड़ी ‘पोल’ के नहीं पहुंचने पर भी प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकते हैं लेकिन अमूमन ‘पोल’ खिलाड़ी के कद को देखकर तैयार किए जाते हैं। ऐसे में अधिक उनको अपनी साइज के ‘पोल’ मिल जाते हैं तो वे प्रतिस्पर्धा में भाग ले सकते हैं। अपने साइज के ‘पोल’ नहीं मिलने पर वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे।’’
चार से सात जून तक होने वाली इस प्रतियोगिता में भारत का 55 सदस्यीय दल भाग लेगा जिसमें 45 एथलीट और 10 कोच शामिल हैं।
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