देश की खबरें | वैश्विक चुनौतियों के बीच अर्थव्यवस्था को गति दे रहा है प्रधानमंत्री मोदी का निर्णायक नेतृत्व: भाजपा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों की आर्थिक नीतियों की पहचान ‘‘असफल समाजवाद और साठगांठ वाले पूंजीवाद’’ से थी जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुक्त बाजार को बढ़ावा दिया है, गरीबों की मदद की है और भ्रष्टाचार मुक्त व पारदर्शी शासन प्रदान किया है।

नयी दिल्ली, 11 अक्टूबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों की आर्थिक नीतियों की पहचान ‘‘असफल समाजवाद और साठगांठ वाले पूंजीवाद’’ से थी जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुक्त बाजार को बढ़ावा दिया है, गरीबों की मदद की है और भ्रष्टाचार मुक्त व पारदर्शी शासन प्रदान किया है।

भाजपा प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी के दुष्प्रभावों और वैश्विक उथल पुथल के बावजूद जहां विश्व के कई बड़े देशों की अर्थव्यवस्था बुरे दौर से गुजर रही है वहीं भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है और तेजी से आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि देश के वित्तीय संस्थानों की मजबूत बुनियाद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मजबूत व कुशल नेतृत्व की वजह से यह स्थिति है। उन्होंने तमाम आर्थिक सूचकांकों का हवाला देते हुए कहा कि यहां आर्थिक मंदी की संभावना नहीं है।

अग्रवाल ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व में पांचवें स्थान पर है और वह जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुंचेगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की नीति उद्योगपतियों को ‘‘गाली’’ देने की है जबकि परदे के पीछे वह उन्हें गले लगाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी मजबूत भारत के लिए काम कर रहे हैं और देश को एक ‘‘आर्थिक पावरहाउस’’ बना रहे हैं।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सेवा और निर्माण क्षेत्रों का विस्तार हो रहा है, पिछले नौ वर्षों में बैंक ऋण वृद्धि दर सबसे अधिक रही है और प्रत्यक्ष कर संग्रह के अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के पूंजीगत व्यय और कॉरपोरेट आय में बढ़ोतरी हुई है।

उन्होंने कहा कि विश्व की अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तरह भारत ने भी चुनौतियों का सामना किया लेकिन इसकी अर्थव्यवस्था की मजबूती का आकलन उसके सामने आने वाली कठिनाइयों से नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि इसके संस्थानों के लचीलेपन और इसके नेतृत्व की ताकत से आंका जाना चाहिए।

वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘कोरोना महामारी की त्रासदी और वैश्विक परिस्थितियों के बाद पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था बुरे दौर से उबरने की कोशिश कर रही है वहीं भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत है और तेजी से आगे बढ़ रही है।’’

उन्होंने कहा कि देश में एक निर्णायक नेतृत्व है और प्रधानमंत्री ने हर निर्णय में देश हित को प्राथमिकता दी है।

उन्होंने उदाहरण दिया कि भारत की जरूरत के कच्चे तेल की खरीद को लेकर पश्चिमी देशों के दबाव की जगह प्रधानमंत्री ने भारत के हित को प्राथमिकता दी है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे बैंक काफी मजबूत हैं और पर्याप्त पूंजीकृत हैं।’’

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