विदेश की खबरें | प्रधानमंत्री मोदी ने ‘साहसी कदमों’ की बात की, बाइडन ने 21वीं सदी का सबसे महत्वपूर्ण संबंध बताया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. भारत और अमेरिका के संबंध बृहस्पतिवार को रफ्तार पकड़ते दिखे जब राष्ट्रपति जो बाइडन ने दोनों देशों के संबंधों को 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण संबंधों में से एक करार दिया वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि संबंधों के प्रति अमेरिकी नेता की प्रतिबद्धता ने ‘साहसी और ठोस’ निर्णय लेने को प्रेरित किया है।
वाशिंगटन, 22 जून भारत और अमेरिका के संबंध बृहस्पतिवार को रफ्तार पकड़ते दिखे जब राष्ट्रपति जो बाइडन ने दोनों देशों के संबंधों को 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण संबंधों में से एक करार दिया वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि संबंधों के प्रति अमेरिकी नेता की प्रतिबद्धता ने ‘साहसी और ठोस’ निर्णय लेने को प्रेरित किया है।
व्हाइट हाउस के ओवल कार्यालय में शिष्टमंडल स्तर की वार्ता से पहले मोदी और बाइडन ने आमने सामने की बैठक की। दोनों नेताओं ने साझा हितों से जुड़े क्षेत्रीय, वैश्विक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। इस वार्ता का मकसद रक्षा, अंतरिक्ष, स्वच्छ ऊर्जा और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी सहित भारत अमेरिका सामरिक संबंधों को और गति प्रदान करना है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया, ‘‘समग्र वैश्विक सामरिक साझेदारी को अगले स्तर तक ले जाने की प्रतिबद्धता। प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने द्विपक्षीय बैठक की।’’
उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने भारत अमेरिकी संबंधों के विविध आयामों पर चर्चा की और अपने लोगों की शांति एव समृद्धि तथा वैश्विक अच्छाई के लिए काम करने के रास्तों पर चर्चा की।
दोनों नेताओं की बैठक के दौरान शुरूआती संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति बाइडन से कहा कि वह भारत के बहुत अच्छे शुभचिंतक रहे हैं और जब भी उनको अवसर मिला है, उन्होंने भारत, अमेरिका संबंधों को ताकत दी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के संबंधों को लेकर बाइडन की प्रतिबद्धता के कारण भारत साहसी एवं ठोस कदम उठाने को प्रेरित हुआ।
उन्होंने कहा, ‘‘ दोनों देशों के साथ संबंधों को लेकर आपकी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता के कारण अंतरिक्ष की ऊंचाइयों से लेकर समुद्र की गहराइयों तक, प्राचीन सभ्यता से लेकर कृत्रित बुद्धिमता तक हर क्षेत्र में हम कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि राजनयिक दृष्टि से जब भी दो देशों के बीच संबंधों की बात की जाती है तब अक्सर संयुक्त बयान, कार्य समूह, समझौता ज्ञापन के दायरे में होती है, इसका भी अपना महत्व है।
मोदी ने कहा कि लेकिन भारत और अमेरिका के संबंधों का महत्वपूर्ण इंजन लोगों के बीच सम्पर्क है। उन्होंने कहा, ‘‘ वास्तव में भारत अमेरिका संबंधों का वास्तविक इंजन लोगों से लोगों के बीच मजबूत सम्पर्क है।’’
मोदी और बाइडन की तीनों दिन मुलाकात होने की उल्लेख करते हुए आधिकरिक सूत्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की पहली राजकीय यात्रा से दोनों देशों के संबंध काफी गहरा होने की संभावना है, जैसे पहले कभी नहीं हुए। दोनों नेताओं के बीच 24 घंटे के भीतर यह दूसरी बार संवाद हुआ।
इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आधिकारिक स्वागत का गवाह बनने के लिए बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय बूंदाबांदी के बीच व्हाइट हाउस के 'साउथ लॉन' में जमा थे।
व्हाइट हाउस के प्रांगण में स्वागत समारोह में उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और उनके पति डगलस एमहॉफ भी मौजूद थे।
स्वागत समारोह में काफी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग मौजूद थे और वे ‘अमेरिका, अमेरिका’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगा रहे थे।
स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह जल्द ही राष्ट्रपति बाइडन के साथ बैठक करेंगे जिसमें क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी।
उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे विश्वास है कि हमारी वार्ता सकारात्मक होगी।’’
मोदी ने कहा कि दोनों देश वैश्विक अच्छाई, शांति, स्थिरता के लिए काम करेंगे और दोनों देशों के संबंध नई ऊंचाइयों को छुएंगे।
उन्होंने कहा कि दोनों देश वैश्विक अच्छाई, शांति, स्थिरता के लिए काम करेंगे और दोनों देशों के संबंध नई ऊंचाइयों को छुएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘ हमारी मजबूत सामरिक साझेदारी लोकतंत्र की ताकत का स्पष्ट प्रमाण है।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोनाकाल के बाद दुनिया एक नया रूप ले रही है। इस काल में भारत और अमेरिका पूरे विश्व के सामर्थ्य को बढ़ाने में सक्षम होगी तथा दोनों देश साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण संबंध में एक हैं।
बाइडन ने कहा कि दोनों देश आज जो निर्णय लेंगे वे आने वाली पीढ़ियों का भविष्य निर्धारित करेंगे।
उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका स्वास्थ्य देखभाल, जलवायु परिवर्तन और यूक्रेन पर रूस के आक्रमण से उपजे मुद्दों पर करीबी रूप से काम कर रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ भारत के सहयोग से, हमने स्वतंत्र, खुले, सुरक्षित और समृद्ध हिंद-प्रशांत के लिए क्वाड को मजबूत किया है।’’
बाइडन दंपति व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री मोदी के लिए राजकीय रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे, जिसमें 400 मेहमानों के शामिल होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोदी 22 जून को कांग्रेस के संयुक्त सत्र को भी संबोधित करेंगे।
व्हाइट हाउस ने बुधवार को एक बयान में कहा, ‘‘यह यात्रा अमेरिका और भारत के बीच घनिष्ठ और करीबी साझेदारी तथा परिवार एवं मित्रता के गर्मजोशी भरे संबंधों को और मजबूत करेगी जो अमेरिकियों तथा भारतीयों को एक साथ जोड़ता है।’’
बयान में कहा गया, ‘‘यह यात्रा मुक्त, खुले, समृद्ध और सुरक्षित हिंद-प्रशांत के लिए हमारे दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को मजबूत करेगी और रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा एवं अंतरिक्ष सहित प्रौद्योगिकी साझेदारी को बढ़ाने के साझा संकल्प को मजबूत करेगी।’’
दीपक
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