नयी दिल्ली, तीन सितंबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अबू धाबी के युवराज शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने शुक्रवार को क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की तथा इस बात पर सहमति व्यक्त की कि दुनिया में आतंकवाद तथा चरमपंथ के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने इसके साथ ही, इस तरह की ताकतों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ खड़े होने के महत्व पर जोर दिया।
अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जा करने और युद्धग्रस्त देश से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद हुए घटनाक्रमों के बीच यह चर्चा हुई है।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में कहा कि टेलीफोन पर बातचीत के दौरान, दोनों नेताओं ने भारत-संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में निरंतर प्रगति का आकलन किया।
मोदी ने इस चर्चा में कोविड-19 महामारी के दौरान भारतीय समुदाय के लिए संयुक्त अरब अमीरात के सहयोग की सराहना की, और एक अक्टूबर 2021 से दुबई में आयोजित होने वाले एक्सपो-2020 के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘मोहम्मद बिन जायद के साथ सार्थक बातचीत हुई। व्यापक रणनीतिक साझेदारी में प्रगति की समीक्षा की और हाल में हुए क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की।’’
पीएमओ ने कहा कि दोनों नेताओं ने साझा हित के क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की। बयान में कहा गया कि दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि दुनिया में आतंकवाद और चरमपंथ के लिए कोई जगह नहीं है तथा उन्होंने इस तरह की ताकतों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय के एक साथ खड़े होने के महत्व पर जोर दिया।
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