देश की खबरें | एम्स ऋषिकेश में प्लाज्मा थेरेपी शुरू, गंभीर रोगी के स्वास्थ्य में दिखा सुधार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मंगलवार से कोविड—19 मरीजों के लिए ‘कॉनवेल्सेंट’ प्लाज्मा थेरेपी शुरू हो गई और इसे दिए जाने के 12 घंटे बाद गंभीर रूप से बीमार एक व्यक्ति के स्वास्थ्य में सुधार आया है ।
ऋषिकेश, चार अगस्त ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मंगलवार से कोविड—19 मरीजों के लिए ‘कॉनवेल्सेंट’ प्लाज्मा थेरेपी शुरू हो गई और इसे दिए जाने के 12 घंटे बाद गंभीर रूप से बीमार एक व्यक्ति के स्वास्थ्य में सुधार आया है ।
उत्तराखंड में इस थेरेपी का उपयोग पहली बार हुआ है ।
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एम्स ऋषिकेश में कोविड मरीजों के इलाज संबंधी मामलों के प्रभारी चिकित्सक प्रसन्न कुमार पांडा ने बताया कि कोविड—19 से पीडित एक मरीज का स्वास्थ्य स्टेरॉयड थेरेपी के बावजूद बिगड़ रहा था लेकिन प्लाज्मा थेरेपी का उपयोग किए जाने के बाद पहले 12 घंटे में ही मरीज की हालत में सुधार होता दिखा है ।
उन्होंने बताया कि प्लाज्मा थेरेपी कोविड-19 के इलाज में अत्यधिक प्रभावी है, खासकर ऐसे मरीजों में जो उपचार के लिए ठीक समय पर अस्पताल आ जाएं।
एम्स ऋषिकेश के निदेशक रविकांत ने कोरोना वायरस संक्रमण से उबर चुके लोगों से इस बीमारी के अन्य मरीजों की प्राणरक्षा के लिए अपने प्लाज्मा का दान करने की अपील की है ।
गौरतलब है कि एम्स में 24 जुलाई को प्लाज्मा देने वाले लोगों के प्रथम समूह को इस प्रकिया के बारे में जानकारी दी गई थी और 27 जुलाई, 29 जुलाई व एक अगस्त को ठीक हुए तीन मरीजों से तीन यूनिट प्लाज्मा लिया गया था ।
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