देश की खबरें | पायलट को कांग्रेस कार्यकाल के भ्रष्टाचार की भी निष्पक्ष जांच की मांग उठानी चाहिए थी : राठौड़

जयपुर, नौ अप्रैल राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के भाजपा के पूर्व शासन में हुए भ्रष्टाचार की जांच की मांग पर पलटवार करते हुए नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा सचिन पायलट को कांग्रेस सरकार के चार साल चार महीने के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार के मामलों की भी निष्पक्ष जांच की मांग उठानी चाहिए थी।

राठौड़ ने राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहे सचिन पायलट की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘पायलट को पूर्ववर्ती भाजपा शासन पर अनर्गल आरोप लगाने की बजाय, अपनी ही कांग्रेस सरकार के 4 साल 4 माह के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार के मामलों की भी निष्पक्ष जांच की मांग उठानी चाहिए थी। लेकिन दुर्भाग्य रहा कि उन्होंने अपनी ही सरकार के काले कारनामों पर एक शब्द भी नहीं बोला।’’

उन्होंने एक बयान में कहा कि मुख्यमंत्री एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री के बीच की अंतर्कलह इस कदर बढ़ी हुई है कि अब पायलट साहब अपनी ही सरकार के खिलाफ 11 अप्रैल को जयपुर में शहीद स्मारक पर अनशन पर बैठेंगे।

भाजपा नेता ने कहा कि गहलोत शासन में प्रत्येक विभाग तथा योजना में उच्च से लेकर निम्न स्तर तक भ्रष्टाचार का तांडव है। अच्छा रहे कि हर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के नामजद एक एक मिनी मुख्यमंत्री के कारनामों की भी जांच कराई जाये ताकि भ्रष्टाचार की हकीकत प्रदेश की जनता को पता चल सके।

राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस नेता सचिन पायलट को अडानी समूह को राजस्थान लोक उपापन में पादर्शिता (आरटीपीपी) अधिनियम की धज्जियां उड़ाते हुए सिंगल टेंडर के जरिये 1042 करोड़ रुपये से अब तक का सबसे महंगा 5.79 मिलियन टन कोयला खरीदने की मंजूरी देने के मामले में हुए भ्रष्टाचार की जांच की मांग करनी चाहिये।

उन्होंने कहा कि साथ ही निजी विद्युत उत्पादनकर्ताओं से महंगी बिजली खरीद घोटाला तथा जयपुर, जोधपुर व अजमेर डिस्कॉम मामले की भी जांच होनी चाहिये।

राठौड़ ने कहा कि ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल सर्वे में 67 फीसदी, इंडिया करप्शन सर्वे 2021 व ट्रेस रिश्वत जोखिम मैट्रिक्स 2021 के सर्वे में 78 प्रतिशत लोगों ने यह माना था कि गहलोत सरकार में बिना रिश्वत को कोई काम नहीं होता।

उन्होंने कहा कि इन सर्वे में राजस्थान को सर्वाधिक भ्रष्ट किन आधारों पर माना है, पायलट जी को इसकी भी जांच की मांग उठानी चाहिये।

राठौड़ ने कहा कि राजस्थान में भ्रष्टाचार की गंगा इस कदर बह रही है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने खुद सार्वजनिक निर्माण विभाग में भ्रष्टाचार को स्वीकार करते हुए कहा कि अधिकारियों और ठेकेदारों के गठजोड़ से राजस्थान की सड़कें बर्बाद हुई है।

उन्होंने कहा कि इसके अलावे कई अन्य मामले हैं जिनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिये ।

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