देश की खबरें | फोन टैपिंग: भाजपा व्यक्तिगत स्वतंत्रता में खलल डाल सकती है, डी के सुरेश ने कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. अपने भाई और कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष डी के शिवकुमार के फोन टैप किये जाने की आशंका जताते हुए बेंगलुरु ग्रामीण के सांसद डी के सुरेश ने रविवार को इसकी उपयुक्त जांच की मांग की और आरोप लगाया कि भाजपा व्यक्तिगत स्वतंत्रता में खलल डाल सकती है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

बेंगलुरु, 23 अगस्त अपने भाई और कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष डी के शिवकुमार के फोन टैप किये जाने की आशंका जताते हुए बेंगलुरु ग्रामीण के सांसद डी के सुरेश ने रविवार को इसकी उपयुक्त जांच की मांग की और आरोप लगाया कि भाजपा व्यक्तिगत स्वतंत्रता में खलल डाल सकती है।

सुरेश ने कहा, ‘‘ ...यह महज आरोप नहीं है बल्कि संबंधित (अधिकारी), पुलिस विभाग के संज्ञान में वास्तविक तथ्य लाया गया है। हमें फोन टैपिंग का संदेह है क्योंकि पिछले 10-15 दिनों से फोन कॉल के दौरान बहुत परेशानियां आ रही हैं।’’

यह भी पढ़े | ‘टेस्ट ट्यूब बेबी’ के बाद अब आई ‘टेस्ट ट्यूब बछड़ा’.

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि जब कुछ लोगों से पूछा तो उन्हें भी फोन टैपिंग का संदेह हुआ और उन्होंने हमें शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी और हमने शिकायत दर्ज करायी है।

उन्होंने कहा, ‘‘ ...सभी को पता चलना चाहिए कि क्या चल रहा है। भाजपा के लोग इसमें माहिर हैं.... हमारे (कांग्रेस सरकार के) कार्यकाल के दौरान क्या हुआ, उसकी चर्चा के बजाय आप यह बात कीजिए कि आप क्या कर रहे हैं.. किसी पार्टी के अध्यक्ष ने गंभीर आरोप लगाया है, उसकी जांच कराना सरकार का दायित्व है।’’

यह भी पढ़े | Coronavirus in Delhi: राजधानी दिल्ली में आज COVID-19 के 1,450 नए मामले सामने आए, 16 की मौत.

शिवकुमार ने शुक्रवार को कहा था कि उन्हें शक है कि उनका फोन टैप किया जा रहा है और उन्होंने उसकी जांच की मांग की थी।

हालांकि राज्य के गृहमंत्री बसावराज बोम्मई ने इस दावे को खारिज कर दिया और कहा कि भाजपा सरकार एक जिम्मेदार सरकार है और वह ऐसी हरकत नहीं करेगी।

जब सुरेश से पूछा गया कि क्या वह चाहते हैं कि शिवकुमार की फोन टैपिंग को ऐसे ही मामलों की चल रही सीबीआई जांच से जोड़ दिया जाए तो उन्होंने कहा कि हम बस यह चाहते हैं कि सच्चाई सामने आये, यदि टैपिंग हो रही है तो किसके ईशारे पर और किस विभाग से यह हो रहा है।

भाजपा सरकार ने पिछले साल कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन सरकार के दौरान हुई कथित फोन टैपिंग की सीबीआई जांच का आदेश दिया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\