देश की खबरें | पीएफआई नारेबाजी मामला : केरल उच्च न्यायालय ने 31 आरोपियों को जमानत दी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केरल उच्च न्यायालय ने मंगलवार को तटीय अलाप्पुझा जिले में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) द्वारा इस साल मई में आयोजित एक मार्च के दौरान एक लड़के द्वारा कथित रूप से भड़काऊ नारे लगाने के मामले में 33 आरोपियों में से 31 को जमानत दे दी।
कोच्चि, पांच जुलाई केरल उच्च न्यायालय ने मंगलवार को तटीय अलाप्पुझा जिले में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) द्वारा इस साल मई में आयोजित एक मार्च के दौरान एक लड़के द्वारा कथित रूप से भड़काऊ नारे लगाने के मामले में 33 आरोपियों में से 31 को जमानत दे दी।
न्यायमूर्ति बेचू कुरियन थॉमस ने कहा कि यद्यपि आरोपियों के खिलाफ आरोप गंभीर प्रकृति के हैं, फिर भी वे सभी 30 दिनों से अधिक समय से जेल में हैं। न्यायालय ने कहा कि इन आरोपियों से संबंधित जांच पूरी हो गई है, इसलिए, उन्हें निरंतर हिरासत में रखना उचित नहीं होगा। इस मामले के दो सह-आरोपी अब भी फरार हैं।
न्यायाधीश ने कहा, ‘‘ऐसी परिस्थितियों में, मैं इन जमानत अर्जियों को स्वीकार करने के पक्ष में हूं।’’
अदालत ने प्रत्येक को 50 हजार रुपये के जमानती बॉण्ड भरने और इतनी ही राशि के दो मुचलके की शर्त पर जमानत मंजूर की।
एकल पीठ ने आरोपियों को हर दूसरे शनिवार सुबह नौ से 11 बजे के बीच जांच अधिकारी के सामने पेश होने, गवाहों को डराने या प्रभावित करने का प्रयास न करने, न ही सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने, जमानत पर रहते हुए कोई अन्य अपराध न करने और क्षेत्राधिकार रखने वाले न्यायालय की अनुमति के बिना केरल न छोड़ने का निर्देश भी दिया।
अभियोजन पक्ष ने जमानत याचिकाओं का विरोध करते हुए कहा था कि आरोपियों ने राज्य में सद्भाव बिगाड़ने का प्रयास किया और उन्हें जमानत पर रिहा करने से जांच प्रभावित होगी।
विजयकुमार पीके की शिकायत के आधार पर दर्ज प्राथमिकी में, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और केरल पुलिस अधिनियम की विभिन्न धाराएं लगाई हैं।
गौरतलब है कि अलाप्पुझा में 21 मई को पीएफआई द्वारा आयोजित ‘गणतंत्र बचाओ’ रैली के दौरान भड़काऊ नारेबाजी की घटना हुई थी।
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