नयी दिल्ली, 26 मई सार्वजनिक क्षेत्र की पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) ने मंगलवार को कहा कि वह मध्य प्रदेश में 22,000 करोड़ रुपये की 225 मेगावाट क्षमता की पनबिजली परियोजना और अन्य बहुद्देश्यीय परियोजनाओं का वित्त पोषण करेगी।
कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘‘पीएफसी ने आज (मंगलवार) को मध्य प्रदेश की कंपनी नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लि. (एनबीपीसीएल) के साथ समझौता किया है। समझौता 22,000 करोड़ रुपये की 225 मेगावाट क्षमता की पनबिजली परियोजना और अन्य बहुद्देश्यीय परियोजनाओं के वित्त पोषण के लिये है।’’
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बयान के अनुसार एनबीपीसीएल इस राशि का उपयोग 225 मेगावाट की पनबिजली परियोजनाएं लगाने और 12 बड़ी बहुद्देश्यीय परियोजनाओं की बिजली से जुड़ी परियोजनाओं में करेगी।
सहमति पत्र (एमओयू) पर पीएफसी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक राजीव शर्मा और एनबीपीसीएल
के प्रबंध निदेशक आईसीपी केसरी ने डिजिटल माध्यम से हस्ताक्षर किये।
मध्य प्रदेश सरकार ने इन परियोजनाओं के लिये पूर्व व्यवहार्यता अध्ययन कर लिया है और उसके क्रियान्वयन को मंजूरी दे दी है।
बयान के अनुसार वित्त पोषण परियोजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ा है।
जिन बहुउद्देश्यीय परियोजनाओं को वित्त पोषण दिया जा रहा है,उसमें बसनिया बहुउद्देशीय परियोजना डिंडोरी, चिंकी बोरस बहुउद्देशीय परियोजना नरसिंहपुर रायसेन होशंगाबाद, सक्कर पेंच लिंक नरसिंहपुर छिंदवाड़ा, दूधी परियोजना छिंदवाड़ा होशंगाबाद शामिल हैं।
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