जरुरी जानकारी | पेट्रोलियम कंपनियां कहीं-कहीं ईथेनाल नहीं उठा पा रही हैं,समाधान शीघ्र हो:मिलें

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारतीय चीनी मिलों के संघ इस्मा ने बृहस्पतिवार को कहा कि तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) कुछ राज्यों में इथेनॉल और अधिक मात्रा उठाने करो पूरी तरह से तैयार नहीं लगती हैं। संगठन ने कहा है कि चीनी मिलों को उम्मीद है कि इस समस्या का शीघ्र समाधान होने की उम्मीद है।

नयी दिल्ली, 18 फरवरी भारतीय चीनी मिलों के संघ इस्मा ने बृहस्पतिवार को कहा कि तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) कुछ राज्यों में इथेनॉल और अधिक मात्रा उठाने करो पूरी तरह से तैयार नहीं लगती हैं। संगठन ने कहा है कि चीनी मिलों को उम्मीद है कि इस समस्या का शीघ्र समाधान होने की उम्मीद है।

निर्यात के बारे में, इस उद्योग मंडल ने बाजार रिपोर्टों के हवाले से कहा कि देश ने विपणन सत्र 2020-21 (अक्टूबर-सितंबर) के जनवरी तक चार लाख टन चीनी का निर्यात किया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू सत्र में अब तक, विदेशों में निर्यात के लिए कुल 25 लाख टन चीनी निर्यात का अनुबंध किया गया है जिसमें से निर्यात का सर्वाधिक अनुबंध इंडोनेशिया के लिए किया गया है।

इस्मा ने एक बयान में कहा, ‘‘निर्यात के लिए 31 दिसंबर 2020 को चीनी का कोटा घोषित किये जाने के महज 45 दिनों में इस तरह का सौदा एक उत्साहजनक प्रवृत्ति को दर्शाता है।

इथेनॉल के संदर्भ में, इस्मा ने कहा कि चीनी मिलों को ओएमसी द्वारा इथेनॉल का पूरा उठाव नहीं किए जाने से कठिनाइयां हो रही हैं।’’ वर्ष 2020-21 में मिलों को तेल कंपनियों को पेट्रोल में मिश्र्रण के लिए लगभग 325 करोड़ लीटर इथेनॉल देना है।

इस्मा ने कहा कि वह ओएमसी से इस समस्या के शीघ्र समाधान की उम्मीद करता है।

रपट के अनुसार घरेलू चीनी उत्पादन के बारे में, इस्मा ने कहा कि 15 फरवरी तक चीनी उत्पादन 208.8 लाख टन तक पहुंच गया है, जो एक साल पहले की अवधि में 170 लाख टन से कुछ अधिक था।

आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र में चीनी का उत्पादन चालू सत्र में अब तक पहले के 43.3 लाख टन से बढ़कर 75.4 लाख टन हो गया, जबकि उक्त अवधि में उत्तर प्रदेश में उत्पादन पहले के 66.3 लाख टन के मुकाबले थोड़ा घटकर 65.1 लाख टन का हुआ है।

चालू सत्र में अभी तक कर्नाटक में चीनी का उत्पादन बढ़कर 39.0 लाख टन हो गया है, जो एक साल पहले 30.8 लाख टन था।

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