Petrol and Diesel Price Hike: पेट्रोल के दाम 25 पैसे लीटर और बढ़े, डीजल 30 पैसे महंगा हुआ
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में रविवार को फिर वृद्धि हुई. इससे देशभर में वाहन ईंधन के दाम नयी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए हैं. हालांकि, शीर्ष सरकारी अधिकारियों का कहना है कि पेट्रोलियम विपणन कंपनियों ने उपभोक्ताओं को राहत के लिए कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का पूरा बोझ उनपर नहीं डाला है.
नयी दिल्ली, 3 अक्टूबर : पेट्रोल और डीजल की कीमतों में रविवार को फिर वृद्धि हुई. इससे देशभर में वाहन ईंधन के दाम नयी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए हैं. हालांकि, शीर्ष सरकारी अधिकारियों का कहना है कि पेट्रोलियम विपणन कंपनियों ने उपभोक्ताओं को राहत के लिए कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का पूरा बोझ उनपर नहीं डाला है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और गैस के दाम तीन साल के उच्चस्तर पर पहुंच गए हैं. अधिकारियों ने कहा कि भारत में ब्रिटेन जैसी स्थिति नहीं बनने दी गई है जहां पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कमी की वजह से लंबी कतारें लगी हैं. पेट्रोलियम विपणन कंपनियों की मूल्य अधिसूचना के अनुसार, रविवार को लगातार तीसरे दिन पेट्रोल का दाम 25 पैसे लीटर और बढ़ाया गया है. वहीं डीजल कीमतों में 30 पैसे प्रति लीटर की और वृद्धि हुई है. इससे दिल्ली में पेट्रोल 102.39 रुपये प्रति लीटर के अपने सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गया है. मुंबई में यह 108.43 रुपये प्रति लीटर है. दिल्ली में डीजल भी 90.77 रुपये प्रति लीटर की नयी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है. मुंबई में डीजल 98.48 रुपये प्रति लीटर है.
स्थानीय करों की वजह से विभिन्न राज्यों में वाहन ईंधन कीमतों में भिन्नता होती है. पेट्रोलियम सचिव तरुण कपूर ने कहा कि पेट्रोलियम कंपनियां लागत के साथ खुदरा दरों के तालमेल के लिए खुद निर्णय ले रही हैं. लेकिन साथ ही वे सुनिश्चित कर रही हैं कि बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव की स्थिति नहीं बने. उन्होंने कहा, ‘‘हमारी स्थिति पर निगाह है. यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि वैश्विक उतार-चढ़ाव का यहां प्रभाव सीमित रहे.’’ पिछले कुछ दिन में भारत द्वारा आयातित कच्चे तेल का औसत दाम करीब तीन साल के उच्चस्तर 76.71 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है. एक अन्य अधिकारी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई तेजी और वैश्विक स्तर पर उत्पादन में बाधा से खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी जरूरी हो गई है. लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई कीमतों में बढ़ोतरी का पूरा बोझ उपभोक्ता पर नहीं डाला गया है. उन्होंने कहा, ‘‘एलपीजी दरों पर गौर करें. एक महीने में इसकी कीमत 665 डॉलर से 797 डॉलर हो गई है, लेकिन पेट्रोलियम कंपनियों ने इसका पूरा बोझ ग्राहकों पर नहीं डाला है.’’ यह भी पढ़ें : Petrol and Diesel Price Hike: फिर बढ़े वाहन ईंधन के दाम, दिल्ली में पेट्रोल, डीजल की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर
एक सप्ताह से कम समय में पेट्रोल कीमतों में यह पांचवीं वृद्धि है. इससे देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के पार हो गया है. इसी तरह 10 दिन में डीजल के दाम आठ बार बढ़ाए गए हैं. इससे मध्य प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा, आंध्र प्रदेश तथा तेलंगाना के कई शहरों में डीजल 100 रुपये प्रति लीटर से अधिक के दाम पर बिक रहा है. सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों....इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ने 24 सितंबर से वाहन ईंधन कीमतों में फिर से संशोधन का सिलसिला शुरू किया है. 24 सितंबर से आठ बार में डीजल 2.15 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है. वहीं इस सप्ताह पांच किस्तों में पेट्रोल के दाम 1.25 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए गए हैं. जुलाई और अगस्त में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम घटने के बाद दिल्ली में पेट्रोल 65 पैसे प्रति लीटर और डीजल 1.25 रुपये प्रति लीटर सस्ता हुआ था.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 03, 2021 11:26 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

