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कतिपय समुदायों और संप्रदायों को बदनाम करने वाली फर्जी खबरों पर रोक के लिये न्यायालय में याचिका

यह जनहित याचिका तीन वकीलों ने दायर की है। इसमें तबलीगी जमात के कुछ व्यक्तियों को कोरोना वायरस संक्रमण फैलाने में संलिप्त पाये जाने की पृष्ठभूमि में मुसलमानों के साथ कथित भेदभाव का हवाला दिया गया है। इसी तरह, पूर्वोत्तर राज्यों के निवासियों के साथ भी कथित भेदभाव का जिक्र इसमें किया गया है क्योंकि उनकी शक्ल चीन के नागरिकों से मिलती जुलती है जहां से कोरोनावायरस का जन्म हुआ।

कतिपय समुदायों और संप्रदायों को बदनाम करने वाली फर्जी खबरों पर रोक के लिये न्यायालय में याचिका
जमात

नयी दिल्ली, 23 अप्रैल कोरोना वायरस महामारी के दौरान राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में चुनिन्दा समुदायों पर लाछंन लगाने, उनका बहिष्कार करने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली फर्जी खबरों पर अंकुश लगाने के लिये उच्चतम न्यायालय में एक जनहित याचिका की गयी है। इस याचिका में ऐसी फर्जी खबरों पर रोक के लिये दिशानिर्देश बनाने का केन्द्र को निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

यह जनहित याचिका तीन वकीलों ने दायर की है। इसमें तबलीगी जमात के कुछ व्यक्तियों को कोरोना वायरस संक्रमण फैलाने में संलिप्त पाये जाने की पृष्ठभूमि में मुसलमानों के साथ कथित भेदभाव का हवाला दिया गया है। इसी तरह, पूर्वोत्तर राज्यों के निवासियों के साथ भी कथित भेदभाव का जिक्र इसमें किया गया है क्योंकि उनकी शक्ल चीन के नागरिकों से मिलती जुलती है जहां से कोरोनावायरस का जन्म हुआ।

यह याचिका अधिवक्ता आंचल सिंह, दिशा वाडकर और मोहम्मद वसीम ने दायर की है। इसमें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, गृह मंत्रालय को पक्षकार बनाया गया है।

याचिका में कहा गया है, ‘‘वायरस और विषाणु भेदभाव नहीं करते हैं, लेकिन समाज ऐसा करता है।...कोविड-19 महामारी जैसे संकट के दौरान मौजूदा सामाजिक दूरियां और चौड़ी हो गयी हैं। ’’

याचिका में कहा गया है कि इस स्थिति ने पहले से ही जाति, वर्ण, धर्म और लैंगिक अल्पसंख्यकता के कारण जोखिम वाली आबादी सामाजिक बहिष्कार की वजह से और अधिक खतरे में आ गयी है। इसकी वजह से वे स्वास्थ्य सेवा सहित अनेक आवश्यक सेवाओं से वंचित हो रहे हैं।

याचिका में यह भी कहा गया है कि चूंकि निजामुद्दीन स्थित मरकज के तबलीग सदस्य ‘यह संक्रमण फैलाने वालों में सबसे ज्यादा मिले हैं, इसलिए फर्जी खबरों और नफरत भरे संदेशों बाढ़ आने की की वजह से मुस्लिम समुदाय को बदनाम किया जा रहा है।

याचिका में सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि किसी भी नागरिक को खाना, पानी, स्वास्थ्य सेवा, दवा और स्वच्छता संबंधी सुविधाओं से वंचित नहीं किया जाये और वह कतिपय समुदायों का सामाजिक बहिष्कार करने में योगदान देने वाली फर्जी खबरों के प्रसार पर अंकुश लगाने के लिये विस्तृत दिशानिर्देश बनाये।

अनूप

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 23, 2020 06:51 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).