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सऊदी अरब में चिकित्सा के पेशे से जूड़ी 18 गर्भवती महिलाओं को स्वदेश लाने के लिये न्यायालय में याचिका

याचिका में सऊदी अरब के रियाद में स्थित भारतीय दूतावास को इन गर्भवती चिकित्साकर्मियों को भारत भेजने के लिये उचित व्यवस्था करने और एक डाक्टर सहित इन सभी गर्भवती चिकित्सका कर्मियों के भारत पहुंचने तक उनके लिये समुचित मेडिकल सुविधायें सुनिश्चत करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

सऊदी अरब में चिकित्सा के पेशे से जूड़ी 18 गर्भवती महिलाओं को स्वदेश लाने के लिये न्यायालय में याचिका
जमात

नयी दिल्ली, 27 अप्रैल कोविड-19 महामारी के बीच सऊदी अरब में चिकित्सा के पेशे से जुड़ी 18 गर्भवती महिलाओं को स्वदेश लाने का केन्द्र को निर्देश देने के लिये उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर की गयी है। याचिका में कहा गया है कि कोरोनावायरस महामारी की वजह से सऊदी अरब में उन्हें ज्यादा खतरा है।

याचिका में सऊदी अरब के रियाद में स्थित भारतीय दूतावास को इन गर्भवती चिकित्साकर्मियों को भारत भेजने के लिये उचित व्यवस्था करने और एक डाक्टर सहित इन सभी गर्भवती चिकित्सका कर्मियों के भारत पहुंचने तक उनके लिये समुचित मेडिकल सुविधायें सुनिश्चत करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

याचिका में कहा गया है कि चिकित्सा के पेशे से जुड़ी ये महिलायें गर्भावस्था के अग्रिम चरण में हैं और उन्हें यथाशीघ्र स्वेदश पहुंचना जरूरी है क्योंकि ज्यादा समय बीत जाने पर वे यात्रा करने की स्थिति में नहीं होंगी।

अधिवक्ता जोज़ अब्राहम के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि उन्हें अपनी संतान को जन्म देने के लिये मार्च और अप्रैल की अलग अलग तारीखों पर भारत आने के लिये काफी पहले टिकट बुक कराये थे लेकिन विदेशों से भारत की उड़ानों के लिये हवाई अड्डे बंद हो जाने की वजह से उनकी उड़ानें रद्द हो गयी और वे सभी रियाद में ही फंस गये हैं।

भारत में इस समय 25 मार्च से लॉकडाउन चल रहा है जिसकी अवधि तीन मई के लिये बढ़ा दी गयी थी।

याचिका में कहा गया है कि ये सारे चिकित्साकर्मी केरल के रहने वाली हैं और सऊदी अरब में अकेले रह रही हैं जहां उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। याचिका में यह भी कहा गया है कि सऊदी अरब के अधिकांश सरकारी अस्पताल कोविड-19 के मरीजों के लिये तब्दील कर दिये गये हैं और याचिकाकर्ताओं की वित्तीय स्थिति ऐसी नहीं है कि वे इलाज के लिये निजी अस्पताल जा सकें।

याचिका में कहा गया है कि चिकित्सा के पेश से जुड़ी इनमें से कुछ महिलाओं ने संतान को जन्म देने के लिये भारत आने के इरादे से अपनी नौकरी से त्याग पत्र दे दिया है लेकिन उड़ाने रद्द होने की वजह से वे सऊदी अरब में रहने के लिये बाध्य हैं।

अनूप

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 27, 2020 10:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).