देश की खबरें | तटीय क्षेत्र प्रबंधन योजना पर जन सुनवाई के लिए और समय मांगने वाली याचिका न्यायालय में खारिज

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने गोवा में तटीय क्षेत्र प्रबंधन योजना (सीजेडएमपी) की तैयारी के संबंध में जन सुनवाई का समय बढ़ाने की एक गैर सरकारी संगठन की याचिका बृहस्पतिवार को अस्वीकार कर दी।

नयी दिल्ली, आठ जुलाई उच्चतम न्यायालय ने गोवा में तटीय क्षेत्र प्रबंधन योजना (सीजेडएमपी) की तैयारी के संबंध में जन सुनवाई का समय बढ़ाने की एक गैर सरकारी संगठन की याचिका बृहस्पतिवार को अस्वीकार कर दी।

याचिका गैर सरकारी संगठन ‘गोवा फाउंडेशन’ ने दायर की थी जिसे न्यायमूर्ति एस ए नजीर और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी ने खारिज कर दिया।

संगठन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता संजय पारिख ने पीठ के समक्ष कहा था कि इस विषय पर जन सुनवाई बृहस्पतिवार से आरंभ होने वाली थी लेकिन राज्य में लॉकडाउन 12 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है, ऐसे में इसमें शामिल होना मछुआरों और गांव वालों के लिए संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि ऐसी जन सुनवाई का मतलब ही क्या रह जाएगा यदि उसमें लोग शामिल नहीं हो पाएं और अपनी शिकायतें नहीं रख पाएं।

इस पर शीर्ष अदालत ने कहा, ‘‘कैसा कर्फ्यू? मैं इलाके से भलीभांति परिचित हूं। आप एनजीटी के पास जाइए और समय बढ़ाने का अनुरोध उनसे कीजिए। यह पांच न्यायाधीशों की (एनजीटी की) पीठ है। हम इस विषय पर सुनवाई नहीं करना चाहते। याचिका खारिज की जाती है।’’

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने गोवा सरकार को 31 मई को निर्देश दिया था कि राज्य में सीजेडएमपी की तैयारी के लिए जन सुनवाई के लिहाज से एक सप्ताह में नया नोटिस जारी किया जाए।

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