देश की खबरें | बसपा विधायक मुख्तार अंसारी की सदस्यता रद्द करने के लिये याचिका दाखिल

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पंजाब की रोपड़ जेल में बंद मऊ से बसपा विधायक मुख्तार अंसारी की सदस्यता रद्द करने के लिए बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित के समक्ष एक याचिका दाखिल की गयी।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

लखनऊ, चार नवम्बर पंजाब की रोपड़ जेल में बंद मऊ से बसपा विधायक मुख्तार अंसारी की सदस्यता रद्द करने के लिए बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित के समक्ष एक याचिका दाखिल की गयी।

मुख्तार के भाई एवं गाजीपुर से बसपा सांसद अफजाल अंसारी ने इसे सस्ती लोकप्रियता पाने की कोशिश और साजिश का हिस्सा करार देते हुए तमाम आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता न तो विधायक है और न ही मऊ का मतदाता, लिहाजा उसने किस हैसियत से यह याचिका दी है।

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वाराणसी के रहने वाले सुधीर सिंह ने यह याचिका दाखिल की है। सिंह ने कहा है कि मुख्तार वर्ष 2017 में विधायक होने के बाद बिना अनुमति के विधानसभा की कार्यवाही से अनुपस्थित रहे हैं। याचिका में कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद 190 (4) के अनुसार लगातार 60 कार्यदिवसों तक सत्र में अनुपस्थित रहने वाले विधायक की सदस्यता रद्द की जा सकती है।

उन्होंने दावा किया कि मुख्तार पिछले साढ़े तीन साल से एक बार भी विधानसभा की बैठक में शामिल नहीं हुए और न ही उन्होंने अपनी अनुपस्थिति के सिलसिले में कोई अर्जी दी, लिहाजा मुख्तार की सदस्यता समाप्त करके उस सीट पर उपचुनाव कराया जाए।

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विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय ने यह याचिका प्राप्त होने की पुष्टि की है।

इस बीच, मुख्तार के सांसद भाई अफजाल अंसारी ने इस याचिका की वैधानिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ने आखिर किस हैसियत से वह याचिका दाखिल की है। उन्होंने कहा कि वह न तो विधायक है और न ही मऊ का मतदाता। उन्होंने कहा कि यह सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश और एक साजिश का हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि विधानसभाध्यक्ष कार्यालय कोई खुली अदालत नहीं है, जो कोई भी वहां याचिका दाखिल कर दे। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता का यह दावा भी गलत है कि मुख्तार ने पिछले साढ़े तीन साल से विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने कहा कि मुख्तार ने अनेक बार कार्यवाही में भाग लिया है।

अफजाल ने आरोप लगाया कि यह साजिश है कि मुख्तार को किसी भी तरह जेल से बाहर निकालकर उनकी हत्या कर दी जाए।

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