जरुरी जानकारी | चीन समेत अन्य देशों के व्यक्तियों को निदेशक बनाने से पहले सुरक्षा मंजूरी लेनी होगी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरकार ने चीन एवं कुछ अन्य पड़ोसी देशों के नागरिकों को भारतीय कंपनियों के निदेशक मंडल में नियुक्त किए जाने के पहले सुरक्षा मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया है।
नयी दिल्ली, तीन जून सरकार ने चीन एवं कुछ अन्य पड़ोसी देशों के नागरिकों को भारतीय कंपनियों के निदेशक मंडल में नियुक्त किए जाने के पहले सुरक्षा मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया है।
कंपनी मामलों के मंत्रालय की तरफ से जारी एक अधिसूचना में कंपनियों के निदेशक मंडल में नियुक्ति संबंधी मानकों को सख्त कर दिया गया है। इसमें चीन जैसे कुछ पड़ोसी देशों से ताल्लुक रखने वाले लोगों को भारतीय कंपनियों में निदेशक बनाए जाने के पहले कई तरह की मंजूरियां लेने के प्रावधान किए गए हैं।
मंत्रालय ने भारत से जमीनी सीमा साझा करने वाले देशों के लोगों को भारतीय कंपनियों में निदेशक बनाए जाने के पहले सुरक्षा मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया है। यह बदलाव कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत निदेशकों की योग्यता एवं नियुक्ति संबंधी नियमों में किया गया है।
गत एक जून को जारी अधिसूचना के मुताबिक, "अगर निदेशक के रूप में नियुक्त किया जाने वाला व्यक्ति भारत की जमीनी सीमा से लगे देश का नागरिक है तो उसके लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से जरूरी सुरक्षा मंजूरी लेनी जरूरी होगी।"
इसके पहले गत 20 मई को कंपनी मामलों के मंत्रालय ने ऐसे देशों से संबंधित कंपनियों के लिए भारतीय कंपनियों के साथ गठजोड़ के पहले फेमा प्रावधानों के बारे में जानकारी देना अनिवार्य कर दिया था।
भारत की भूमि-सीमा चीन, बांग्लादेश, पाकिस्तान, भूटान, नेपाल, म्यांमा और अफगानिस्तान से जुड़ी हुई है। इन देशों से किसी भी क्षेत्र में आने वाले प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के प्रस्तावों को सरकार की मंजूरी लेनी जरूरी होती है।
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