देश की खबरें | असम में महंगाई के खिलाफ विपक्षी दलों एजेपी, तृणमूल का प्रदर्शन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राज्य की राजधानी गुवाहाटी में विपक्षी दलों असम जातीय परिषद (एजेपी) और तृणमूल कांग्रेस ने बुधवार को मूल्य वृद्धि तथा कई खाद्य पदार्थों पर जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) लगाने के खिलाफ अलग-अलग विरोध प्रदर्शन किया।
गुवाहाटी, 27 जुलाई राज्य की राजधानी गुवाहाटी में विपक्षी दलों असम जातीय परिषद (एजेपी) और तृणमूल कांग्रेस ने बुधवार को मूल्य वृद्धि तथा कई खाद्य पदार्थों पर जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) लगाने के खिलाफ अलग-अलग विरोध प्रदर्शन किया।
दोनों दलों के नेताओं तथा सदस्यों ने खाद्य पदार्थों पर लगी जीएसटी को वापस लेने और रसोई गैस सहित आवश्यक वस्तुओं के दाम करने की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और बैनर लहराए।
एजेपी के अध्यक्ष लुरिन ज्योति गोगोई ने धरना देते हुए दावा किया कि केंद्र और असम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार के सत्ता में आने के बाद से आवश्यक वस्तुओं की कीमतें कई गुना बढ़ गई हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ भाजपा ने सत्ता में आने पर दाम कम करने का वाद किया था, लेकिन अब जब वे सत्ता में हैं तो पूंजीपतियों और अमीर वर्ग के लिए काम कर रहे हैं।’’
गोगोई ने मांग की कि सरकार को तत्काल प्रभाव से खाद्य सामग्री पर लगाई गई जीएसटी को वापस लेना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि गरीब एवं मध्यम वर्ग इन वस्तुओं को खरीद पाने में सक्षम हो।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष रिपुन बोरा ने आरोप लगाया कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा नीत सरकार गहरी नींद में हैं और आम जनता के दर्द एवं पीड़ा से बेखबर है।
उन्होंने कहा, ‘‘ भाजपा ने ‘अच्छे दिन’ का वादा किया था और अब देखिए वह कैसे आटा, दही, गुड़ जैसी वस्तुओं पर कर लगाकर जनता को अंधेरे में धकेल रही है। इन वस्तुओं पर लगाया गया जीएसटी तुरंत हटाया जाना चाहिए।’’
बोरा ने आरोप लगाया कि मोदी और सरमा कर के जरिए अपने ही देश के लोगों को लूट रहे हैं।
उन्होंने कहा कि तृणमूल मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रखेगी।
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