देश की खबरें | पीपुल्स कॉन्फ्रेंस ने नई मीडिया नीति के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन पर साधा निशाना
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श्रीनगर, 10 जून पीपुल्स कॉन्फ्रेंस ने बुधवार को नई मीडिया नीति को लेकर जम्मू-कश्मीर प्रशासन पर निशाना साधते हुए इसे ‘बेहद निचले स्तर’ वाला करार दिया है।
इस महीने की शुरुआत में केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने मीडिया नीति 2020 को मंजूरी दी, जिसका मकसद सरकार के कामकाज पर मीडिया में सतत विमर्श को बनाए रखना है।
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सरकार के एक प्रवक्ता के मुताबिक इस नीति का प्रयास गलत जानकारियों, फर्जी खबरों को रोकना है और एक ऐसा तंत्र बनाना है जो मीडिया का इस्तेमाल लोक शांति को भंग करने, प्रभुत्व और देश की अखंडता के खिलाफ करने के किसी भी प्रयास के सबंध में आवाज उठाए।
पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता अदनान अशरफ ने दावा किया कि नई मीडिया नीति के साथ भारत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मामले में दुनिया के सबसे दमनकारी शासनों वाले क्लब में शामिल हो गया है।
अशरफ ने एक बयान में कहा, ‘‘ नई मीडिया नीति सीधे तौर पर निगरानी है जहां सरकार पत्रकारिता का आचार परिभाषित करेगी। सरकार वास्तविकता को उस तरह से नहीं देखना चाहती है, जैसा वह है बल्कि वह जैसा चाहती है, उसे उस रूप में देखना है। यह नीति उन्हें यह परिभाषित करने की शक्ति देती है कि क्या फर्जी है और क्या अनैतिक। और यह भांप लेना कोई बड़ी बात नहीं है कि अगर कुछ सही है और सरकार की आलोचना है तो उसे फर्जी या राष्ट्र विरोध खबर के रूप में वर्गीकृत कर दिया जाएगा।’’
उन्होंने कहा कि यह नया निचला स्तर -निचले से भी निचला- है। यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने का सबसे अंधा युग है, जहां सरकार वास्तविकता की पटकथा अपने तरह से लिखेगी।
उन्होंने कहा कि ‘यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिहाज के लिए बुरा दिन’ है।
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